डॉ. दिलीप अग्निहोत्री
उत्तर प्रदेश में राज्यपाल राम नाईक की कार्यवृत्त संबन्धी परंपरा आगे बढ़ रही है। पिछले चालीस वर्षो से वह अपनी बनाई परंपरा पर अमल कर रहे है। मुम्बई से तीन बार विधायक, पांच बार लोकसभा सदस्य, केंद्र में रेल राज्यमंत्री, केंद्र में ही पेट्रोलियम विभाग के कैबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में वह अपना कार्यवृत्त जनता के सामने रखते रहे है।यहां तक कि जब उनके पास कोई दायित्व नहीं था, तब भी जनसेवा के कार्यों में सक्रियता के चलते कार्यवृत्त जारी किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसकी मिसाल बना रहे है। सरकार के छह महीने पूरे होने पर भी उन्होंने कार्यवृत्त पेश किया था। एक वर्ष पूरा होने पर भी इस परंपरा को जारी रखा। दस्तावेज के रूप में उन्होंने ने अपनी सरकार के कार्यों को जनता के बीच रखा। इसमें सभी बातें प्रमाणों पर आधारित है। जो कार्य पूरे हुए, उनका विवरण है। जो अधूरे है, अथवा जिन पर कार्य प्रारंभ करने की योजना है, उनकी अलग से चर्चा है। इसके अलावा व्यवस्था बदलने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख है। जिससे आमजन को केवल सरकार बदलने का ही नहीं बल्कि व्यवस्था बदलने का भी अहसास हो सके।
नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ का एक साथ होना सहयोगी संघवाद को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश में जब से योगी आदित्यनाथ ने दायित्व संभाला है, तब से सहयोगी संघवाद का अध्याय शुरू हुआ है। पिछली प्रदेश सरकार का नजरिया अलग था। केंद्र की मोदी सरकार सहयोग और सहायता के लिए तैयार थी, लेकिन सपा सरकार को लगता था कि कही अच्छे कार्यों का श्रेय केंद्र को न मिल जाये । इस लिए वह तंज ही कसते रहे। जबकि योगी आदित्यनाथ ने नीति आयोग से लेकर अन्य केंद्रीय योजनाओं में सहयोगी रुख अपनाया । इसका लाभ उत्तर प्रदेश को मिलने लगा है। इस फोटो के नीचे लिखा है –हुआ विकास, बढा विश्वास।
कवर पेज के दूसरी तरफ कुम्भ के लोगो के साथ प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का उद्घाटन करते हुए फोटो है। इसके बाद न्यू इंडिया का सारथी उत्तर प्रदेश का प्रधानमंत्री की फोटो के साथ विश्लेषण है। इन्वेस्टर्स समिट सरकार का ऐतिहासिक और सफल आयोजन था। इसकी अभिवयक्ति एक शानदार फोटो से हो जाती है। इसमें नरेंद्र मोदी, राम नाईक, योगी आदित्यनाथ ,राजनाथ सिंह, मॉरिसस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ, देश के शिखर उद्योगपति मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, आनन्द महेन्द्रा, कुमार मोहन मंगलम बिड़ला, सहित अनेक लोग है।
मुख्यमंत्री द्वारा हंड्रेड डायल के दोपहिया वाहनों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी सहयोगी संघवाद में शामिल है। सड़क का उद्घाटन करते हुए नितिन गडकरी, योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्या की फोटो है। बच्चों के स्कूल में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की फोटो उनकी सक्रियता बयान करता है। योगी आदित्यनाथ भी बच्चों से मिलते दिखाई दे रहे है। योग दिवस समारोह में नरेंद्र मोदी शामिल हुए थे। योगी आदित्यनाथ अस्पताल का निरीक्षण कर रहे है। फ्रांस के राष्ट्रपति और नरेंद्र मोदी ने विंध्याचल के समीप सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया था। सहकारिता, खाद्य वितरण, ऋण मोचन, गौ सेवा, बागवानी, सबको हुनर, सबको रोजगार, छोटे उद्योग में बड़ा रोजगार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, स्मार्ट सिटी, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास वितरण, सुगम यातायात, दिव्यांगों को सहायता, आदि अनेक कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री की सहभागिता उनकी गतिविधियों को प्रमाणित करती है।पुस्तिका के आखिरी पृष्ठ पर इन्वेस्टर्स समिट के आकर्षक चित्र है।
इसके साथ ही सरकार ने अपने कार्यो का उल्लेख किया है। एक लाख आवास बनाकर गरीब परिवारों को दिए गए। शहरी क्षेत्र में चार लाख शौचालय बनाये गए। अस्सी लाख किसानों की कर्ज माफी इतनी सफलता के साथ कहीं नहीं कि गई। इसके लिए जनता पर कोई भार भी नहीं डाला गया।
नकल विहीन परीक्षा कराना सपना था, लेकिन उनकी सरकार ने इसे साकार किया। बारह लाख छात्रों ने बोर्ड परीक्षा छोड़ी। जांच से पता चला कि इनमे पचहत्तर प्रतिशत छात्र उत्तर प्रदेश के बाहर के थे। ये मुन्ना भाई थे। प्राइमरी स्कूल के बच्चों को स्वेटर, ड्रेस, जुता मोजा दिया गया। तीस लाख फर्जी राशन कार्ड पकड़े। इससे अधिक ऐसे लोगों को राशन कार्ड दिए गए, जिनके पास कार्ड नहीं था। पैतीस हजार करोड़ रुपये का घोटाला केवल पारदर्शी वितरण से रोका गया। इकहत्तर जिले बिजली वितरण में भेदभाव झेलते थे। इसे समाप्त किया गया। समान और न्यायपूर्ण वितरण के आदेश दिए गए। राज्यपाल की प्रेरणा से चौबीस जनवरी को उत्तर प्रदेश मनाया गया।

इन्वेस्टर्स समिट को अनुमान से अधिक सफलता मिली। इसके माध्यम से निवेश का आंकड़ा पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने जा रहा है। इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि योगी आदित्यनाथ ने इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी स्वयं संभाली है। इसके लिए अनुकूल माहौल बनाया गया है। प्रस्तावों पर समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निर्णय लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति लागू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के तहत सिंगल विंडो क्लियरेंस विभाग की स्थापना कर दी गई है। मेक इन इंडिया की सफलता का लाभ मेक इन उत्तर प्रदेश विभाग की स्थापना की गई। औद्योगिक पार्कों, क्लस्टर, एग्रो पार्क की स्थापना की जा रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत निवेश मित्र सिंगल विंडो बेव पोर्टल का लोकार्पण हो चुका है। इससे सभी विभागों का ऑनलाइन इंटीग्रेशन होगा। मेसर्स सैमसंग की लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर की गई। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण होगा। यह देश की सबसे बड़ी एक्सप्रेस वे होगी।
बुन्देलखण्ड क्षेत्र को औद्योगिक एवं आर्थिक विकास से जोड़ने के लिए बुन्देलखण्ड लिंक एक्सप्रेस लिंक वे बनाई जाएगी। दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और अमृतसर दिल्ली कोलकत्ता इंडस्ट्रियल परियोजना के उत्तर प्रदेश के हिस्से में तेजी से कार्य होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना, दीनदयाल उपाध्याय शहरी आजीविका मिशन, स्मार्ट सिटी, आदि का कार्य भी प्रगति पर है। इसमें स्वच्छता अभियान, एलईडी लाइट, नमामि गंगे, सनियोजित विकास, सबको विकास, सुगम यातायात, कनेक्टिविटी, को बढ़ावा दिया गया।
गांवों को भी विकास से जोड़ा गया। प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्रामीण पेयजल योजना, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, और दिव्यांग सशक्तिकरण के कई कार्यक्रम शुरू किए गए। बत्तीस लाख परिवारों को बिजली के कनेक्शन दिए गए।
इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग कल्याण के अनेक कार्यकम तेजी से लागू किये गए। सबका साथ सबका विकास के अनुरूप अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाएं लागू की गई।
डेढ़ गुना अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई। बच्चो का पोषण, प्रतिभा के सम्मान की ओर ध्यान दिया गया। कर प्रक्रिया को सरल बनाया गया। इससे राजस्व में वृद्धि हुई है। ऋणमोचन को नया आयाम दिया गया। सभी सीमांत किसानों के कर्ज माफ किये गए। पारदर्शिता से भूतत्व एवं खनिकर्म की आमदनी बढ़ी है। एन्टी भूमाफिया अभियान चलाकर पीड़ितों को न्याय दिलाया जा रहा है। पारदर्शिता से भूतत्व एवं खनिकर्म की आमदनी बढ़ी है।एन्टी भूमाफिया अभियान चलाकर पीड़ितों को न्याय दिलाया जा रहा है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व कार्य एक वर्ष में किये गए। अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में होली को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की योगी आदित्यनाथ ने स्वयं पहल की।पारदर्शिता के प्रतिमान, संस्कृति के प्रतिमान, कारीगरी ग्रामोद्योग, स्वावलंबन को बल, आईटी से रोजगार को प्रोत्साहन दिया गया। सड़क निर्माण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। एक लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़के गढ्ढा मुक्त की गई। एक हजार किलोमीटर की एक सौ दस सड़क परियोजना का निर्माण किया गया। जाहिर है कि कार्यवृत्त के रूप में अपने कार्यो को आमजन के सामने रखना उचित है। सरकार अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने में कितनी सफल रही ,इस संबन्ध में लोग आसानी से निर्णय कर सकते है।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार है







