करीना और आमिर खान भी हैं चंदेरी के फैन
शुक्रवार 23 मार्च लखनऊ। बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए जिस तरह काला टीका लगाया जाता है ठीक उसी तरह चंदेरी को भी काला टीका लगाया जाता है। दरअसल चंदेरी शहर के कलाकार चंदेरी साड़ियों को अपने बच्चे की तरह मानते हैं। यह रोचक तथ्य मध्य प्रदेश के चंदेरी से आए हस्तशिल्पी भगवान दास ने बतायी। उन्होंने बताया कि चूंकि चंदेरी बहुत ही नाजुक और कोमल होती है इसलिए उसे कलाकार गोद के बच्चे की तरह संभालते हैं और काला टीका लगाकर उसके सकुशल रहने की कामना करते हैं।
महाभारत तक में मिलता है चंदेरी का उल्लेख
मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम की ओर से अलीगंज ललित कला अलीगंज में आयोजित28 मार्च तक चल रही इस जनजागृति प्रदर्शनी के तहत हुए व्याख्यान में राष्ट्रीय पुरस्कृत भगवान दास कोली औऱ जगदीश अहिरवा ने बताया कि मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले में स्थित चंदेरी एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक नगर है। इस ऐतिहासिक नगर का उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। वर्तमान में बुन्देलखंडी शैली में बनी हस्तनिर्मित साड़ियों के लिए चन्देरी दुनिया भर में चर्चित है। यूं तो चंदेरी के कई रूप है पर केवल नीले रंग वाली इंडिगो चंदेरी के तो कहने ही क्या? रॉयल ब्लू कलर में इसका आकर्षण देखते ही बनता है। पहले की तुलना में अब इसमें आधुनिक डिजाइन बहुतायत में प्रिट किये जाने लगे हैं।
इस प्रदर्शनी में शामिल छाते वाला डिजाइन सबसे ज्यादा लोगों को पसंद आ रहा है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक रंगों से तैयार होने के कारण यह त्वचा के लिए जहां सुरक्षित है वहीं इसके नए डिजाइन फैशन ट्रेंड सेटर बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि इंडिगो चंदेरी की साड़ियां ही नहीं अब ड्रेस मेटीरियल और वेस्टर्न ड्रेस तक तैयार की जाने लगी हैं। उन्होंने बताया कि मार्डन लुक के चलते विदेशों में भी इसकी खासी मांग है। इस कड़ी में उन्होंने जापान से आने वाले खास धागे से तैयार साड़ी के बारे में भी बताया। उनके अनुसार उस धागे की यह खूबी थी कि उससे तैयार साड़ी के आरपार दिखता था। इतनी बारीक ताने बाने की साड़ी अब भारत में ही तैयार की जाने लगी है। यही नहीं उसे मार्डन लुक देने के लिए लीची आदि की आकृतियां उकेरी जाने लगी हैं। इसके साथ ही मत्र लिखी साड़ी और मुगल शैली से प्रभावित डिजाइनों का फ्यूजन भी साड़ियों में किया जा रहा है। सच्चे सोने के तार वाली साड़ी 92 हजार रुपए की है।
करीना हैं चंदेरी की फैन
भगवान दास ने बताया कि 2007 में करीना और आमिर खान अपनी फिल्म के प्रमोशन के दौरान चंदेरी शहर में उनके घर पहुंचे। करीना को चंदेरी की साड़ी इतनी भाई कि उन्होंने खुद ही साड़ी की बुनाई करने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने साड़ी बुनी ही नहीं बल्कि 60 हजार में चंदेरी साड़ी को खरीदा भी। करीना की पसंदीदा साड़ी की नकल भी प्रदर्शनी में शामिल की गई है। भगवान दास ने बताया कि साड़ियों की रेंज 3 हजार रुपए से शुरू होती है जो 15 हजार रुपए तक जाती है।







