लखनऊ, 09 अप्रैल। बीबीएयू में विवाद चरम पर है आरोप है कि बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रांगण में लगी बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की दोनो मूर्तियों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने चैनल से चारदिवारी में कैद कर रखा है। छात्रों का कहना है कि यह बाबा साहब का घोर अपमान है उनका कहना कि हम जिस महापुरुष के हम कॉलेज में कार्यरत होकर जिनकी कमाई खाते है क्या हम उन्हें ही चारदिवारी में कैद कर देंगे? उधर विवि प्रवक्ता का कहना है कि सम्मानित बाबा साहब को चारदिवारी में कैद करना विवि का कोई उद्देश्य नहीं है बल्कि उसे ऐसा बेहतर रखरखाव के लिए किया गया है ताकि पंछी वगैरा उसे गन्दा न कर सकें।
छात्रों का कहना है कि भारतरत्न और संविधान निर्माता को अपमानित करने के उद्देश्य से बाबासाहेब के विचारधारा को चारदीवारी जेल में कैद कर दिया गया है। यह विश्वविद्यालय प्रशासन की सामंती मानसिकता है छात्रों का कहना है कि यह विश्वविद्यालय में ऐसी पहली घटना नही है इससे पूर्व भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने विवि का नाम छोटा करने, विवि का लोगो बदलने, छात्रो को बाबासाहेब की जयंती मनाने पर रोकना, सेमीनार से बाबासाहेब की फोटो हटाकर, समाजशास्त्र विभाग की शिक्षिका के द्वारा बाबासाहेब पर अमर्यादित टिप्पड़ी करने और बाबासाहेब की विचारधारा फ़ैलाने के उद्देश्य से बने अम्बेडकर भवन को प्रशासनिक भवन में बदलकर अपमानित किया जाता रहा हैं।

छात्रों का कहना है कि 256 एकड़ में बने विश्वविद्यालय की सुरक्षा में 140 भूतपूर्व आर्मी के जवान लगे है और जगह-जगह करोङो रूपये के सैकङो सीसीटीवी कैमरे लगे है। जोकि उनकी मूर्तियों की सुरक्षा के लिए दो गार्ड की तैनाती रहती है। विवि में लगभग 70% बहुजन छात्र है जो बाबासाहेब के अनुयायी है। लेकिन विवि प्रशासन मूर्तियों के टूटने की दुहाई देता रहता है।
कैद नहीं मेन्टेन किया गया है: विवि प्रवक्ता
बीबीएयू विवि की प्रवक्ता डॉ. रचना गंगवार का कहना है कि विवि प्रशासन का उद्देश्य यह नहीं कि उसे कैद किया जाये बल्कि उसे मेन्टेन करने के लिए ऐसा किया गया है ताकि पंछी वगैरह अंदर न जा सकें और उस पर बैठकर गंदगी न कर सके। उन्होंने बताया कि चैनल ऑफिसियल टाइम में खुला रहता है और सुबह तो उसकी साफ सफाई के साथ ‘बुद्धम: शरणम गच्छामि’ पूजा भी की जाती है और जो लोग भी यह बोल रहे है कि बाबा साहेब को कैद किया गया है तो यह सब मनगढंत है। उनका कहना है कि हमारे ऐसी हरकते करने वाला कोई नहीं है। क्योकि हमारे यहाँ के बच्चें बहुत डिसिप्लीन है। वह सभी बाबा साहेब का बहुत सम्मान करते है।
छात्रों की मांग:
14 अप्रैल को बाबासाहेब की 127वीं जयन्ती से पूर्व 13 अप्रैल तक बाबासाहेब की दोनों मूर्तियों को चारदिवारी जेल को हटाकर बाबासाहेब को मुक्त करने की कृपा करें। अन्यथा विवि के समस्त बहुजन छात्र/छात्राएं स्वयं ही भारतरत्न एंव संविधान निर्माता की चारदिवारी जेल से मुक्त कराने के लिए बाध्य होंगे।
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