Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, August 22
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    गांधी व आंबेडकर की अवहेलना का उपवास

    By April 9, 2018 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 643
    डॉ दिलीप अग्निहोत्री
    महात्मा गांधी अहिंसा और डॉ आंबेडकर संवैधानिक व्यवस्था के प्रबल हिमायती थे। दोनों महापुरुष अपने इस आग्रह से समझौता के लिए कभी तैयार नहीं थे। महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन से देश आजाद हुआ, स्वतंत्र भारत को डॉ आंबेडकर ने संवैधानिक तंत्र से चलाने का प्रावधान किया था। यह भी अहिँसा का ही मार्ग था।
    दो अप्रैल को जो अंदोलन हुआ, उसे गांधी और आंबेडकर के सिद्धांतों के अनुकूल नहीं कहा जा सकता। महात्मा गांधी होते तो इस आंदोलन को वापस ले लेते। आंबेडकर होते तो न्यायिक निर्णय के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन की इजाजत नहीं देते। पुनर्विचार याचिका का सहारा लेने का अधिकार दिया गया है। न्यायिक निर्णयों के खिलाफ जनांदोलन होने लगे तो, देश में संवैधानिक व्यवस्था को बनाये रखना मुश्किल हो जाएगा।
    बिडंबना देखिये, हिंसा के कारण महात्मा गांधी आंदोलन वापस लेते है। राहुल गांधी की कांग्रेस ने हिसा के बाबजूद उपवास का आडंबर कर रही है।
    कांग्रेस अपने को सबसे पुरानी पार्टी कहती है। इसमें वह एओ ह्यूंम से लेकर गांधी की अवधि को जोड़ती है। ऐसे में राहुल गांधी को यह जबाब देना चाहिए कि यह महात्मा गांधी की कांग्रेस है तो, जिस आंदोलन में कई लीग मारे गए, उसके लिए उपवास का क्या मकसद है। क्या यह कांग्रेस चाहती है कि हिसा फैलाने वालों को अभयदान दिया जाय।
    इसके अलावा यह भी बताना होगा कि यह पुरानी कांग्रेस है तो डॉ आंबेडकर को दो बार संसद में पहुंचने से क्यों रोका गया। क्यों उन्हें कांग्रेस ने भारतरत्न नहीं दिया। सवाल बसपा प्रमुख मायावती से भी है। उन्हें बताना चाहिए कि क्या ऐसे आंदोलन डॉ आंबेडकर के विचारों के अनुरूप है। उनके पास यह कहने का क्या आधार है कि सरकार दलितों को फंसा रही है।
    कांग्रेस नेताओं ने उपवास से पहले उड़ाई छोले भटूरे की दावत, फोटो हुई वायरल
     ये वह मायावती है, जिन्होंने एससीएसटी एक्ट के दुरुपयोग होना स्वीकार किया था, उसे रोकने का शासनादेश जारी किया था। यही मंशा सुप्रीम कोर्ट के आदेश में है। तब भाजपा दलित वीरोधी हो गई।
    कांग्रेस के उपवास, बसपा के विरोध से कई सवाल उठते है। क्या हिंसा और आगजनी करने वालों के खिलाफ कानून को अपना कार्य नहीं करना चाहिए। सरकार कह रही है कि सीसीटीवी फुटेज देखकर ही अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है। ऐसे में यह आरोप शरारतपूर्ण है कि सरकार दलितों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है बल्कि सरकार की कार्रवाई से वह चेहरे सामने आएंगे, जिन्होंने हिंसा फैलाई।
    इसका स्वागत करना चाहिए थे। डॉ आंबेडकर में आस्था रखने वाले ऐसा नही कर सकते। जिन्होंने गड़बड़ी की, उन्हें  कठघरे में पहुंचाने का कार्य वैधानिक व्यवस्था के अनुरूप है। जो सरकार ऐसा नहीं करती, उसे कर्तव्यों के प्रति लापरवाह समझना चाहिए। इस मामले में सरकार कर्रवाई कर रही है, लेकिन यह क्यों न माना जाए, की विपक्ष अराजक तत्वों को बचाना चाहती है।
    सवाल और भी है। क्या महात्मा गांधी ने यह नहीं कहा था कि हिंसा के बल पर उन्हें आजादी मंजूर नहीं है। आज कांग्रेस का उपवास किस प्रकार के आंदोलन के पक्ष में है।
    बसपा भी जबाबदेह है। यह सत्य रिकॉर्ड पर है कि मायावती ने एक्ट का दुरुपयोग रोकने का प्रयास किया था। मतलब वह मानती थी कि दुरुपयोग होता था। दलितों का उत्पीड़न न हो, साथ में कोई निर्दोष भी परेशान न हो, यही तो न्याय की भावना है। वैसे केंद्र की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा। तब तक इंतजार करना चाहिए था। लेकिन कांग्रेस को कर्नाटक की चिता है। बसपा सक्रियता नहीं दिखायेगी तो गठबन्धन में उसे मनचाही अहमियत नहीं मिलेगी।
    इन की नजर केवल चुनाव पर है। इसके लिए इन्हें गांधी आंबेडकर की अवहेलना में भी संकोच नहीं है। दोनों महापुरुष अहिंसक आंदोलन,प्रदर्शन, सत्याग्रह पर विश्वास रखते थे। महात्मा गांधी ने इसी मार्ग पर स्वयं अमल किया था। डॉ आंबेडकर ने संविधान में शांतिपूर्ण आंदोलन का अधिकार दिया।
    यहां शांतिपूर्ण आंदोलन को लेकर कोई सवाल नही है। लेकिन दो अप्रैल को जिस प्रकार आंदोलन किया गया, वह गांधी और आंबेडकर दोनो के सिद्धांतों की अवहेलना करने वाला है। इस आंदोलन में हिंसा हुई थी। दर्जनों लोग हताहत हुए। यह महात्मा गांधी के विचारों के प्रतिकूल था। असहयोग आंदोलन प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा था। लेकिन तभी चौरी चौरा में हिंसा हो गई। महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन को वापस ले लिया था।
    डॉ आंबेडकर अहिंसक आन्दोलन को प्रजातन्त्र के अनुकूल मानते थे। लेकिन उन्होंने हिंसा, आगजनी को दण्डनीय माना था। इसके अलावा  संविधान में कार्यपालिका, व्यवस्थापिक और न्यायपालिका के कार्यक्षेत्र निर्धारित किये। इसके अनुरूप व्यवस्थापिका और कार्यपालिका की अपेक्षा न्यायपालिका की स्थिति अलग है। उसे संविधान के संरक्षक की भूमिका में रखा गया। न्यायिक निर्णय से असहमति की स्थिति में आंदोलन को उचित नहीं कहा जा सकता ।
    कांग्रेस का उपवास गांधी और आंबेडकर के विचारों को अपमानित करने वाला है।
    .लेखक वरिष्ठ पत्रकार है

    Keep Reading

    सिद्धांतों की बलिवेदी में सत्ता का बलिदान देने वाला जननायक

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    CM Yogi launches a scathing attack on the opposition, saying, "Earlier, there was no development in UP; instead, riots used to take place."

    सीएम योगी का विपक्ष पर करारा हमला‘ कहा : पहले यूपी में विकास नहीं, दंगे होते थे’

    Fed grain to a peacock, gave fodder to a cow... PM Modi shared a video ahead of the Red Fort event.

    मोर को दाना खिलाया, गाय को चारा दिया… पीएम मोदी ने लाल किले से पहले वीडियो साझा किया

    CBI probe needed into Phoolan Devi's murder: Dr. Sanjay Nishad

    फूलन देवी हत्या की सीबीआई जांच होनी चाहिए: डॉ. संजय निषाद

    Foundation stone laid for a 5 MW solar park named after Kalpnath Rai in Mau; Minister says he will work as a party cadre for his son's election campaign.

    मऊ में कल्पनाथ राय के नाम पर 5 मेगावाट सोलर पार्क का शिलान्यास, मंत्री बोले- उनके बेटे के चुनाव में कार्यकर्ता बनकर काम करूंगा

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Ayushmann Khurrana's visit to Jalna A message of child safety and a secure childhood.

    आयुष्मान खुराना की जालना यात्रा : बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित बचपन का संदेश

    August 21, 2026
    Slapped for not doing homework, 6-year-old child dies in the classroom.

    होमवर्क न करने पर थप्पड़, कक्षा में ही 6 साल के बच्चे की मौत

    August 21, 2026
    Insistence on a mobile phone leads to family tragedy; three die after falling from a hill in Chhatrapati Sambhajinagar.

    मोबाइल की जिद में उजड़ा पूरा परिवार, छत्रपति संभाजीनगर की पहाड़ी से गिरकर तीन मौतें

    August 21, 2026
    A spine-chilling, mysterious incident on the stairs in Ghaziabad: A person riding a cat or a black buffalo?

    गाजियाबाद में सीढ़ियों पर रोंगटे खड़े कर देने वाली रहस्यमयी घटना: बिल्ली या काले भैंसे पर सवार व्यक्ति?

    August 21, 2026
    Play ‘Ghar Ki Murgi’ staged in Lucknow

    लखनऊ में नाटक ‘घर की मुर्गी’ का मंचन

    August 21, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading