Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, September 12
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    राजनितिक दल चुनाव आयोग का करें सम्मान

    By June 1, 2018 Hot issue No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 560
     डॉ दिलीप अग्निहोत्री
    भारत के संविधान निर्माताओं ने चुनाव आयोग को बहुत अहमियत दी थी। उन्होंने बहुत सोच समझ कर अनुछेद 324 के माध्यम से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की जिम्मेदारी चुनाव आयोग को दी थी। समय के साथ चुनाव प्रक्रिया में अनेक सुधार हुए। चुनाव संचालित करने की दृष्टि से भारतीय चुनाव आयोग विश्व में बेजोड़ है। सबसे बड़े प्रजातन्त्र में चुनाव करना अद्भुत है।
    सुधार की गुंजाइश सदैव रहती है। लेकिन कुछ समय ईवीएम पर राजनीति के तहत आरोप लगाए जा रहे है। ऐसा लग रहा है जैसे ईवीएम से जितने चुनाव हुए वह गलत थे। आरोप लगाने वाले यह भूल जाते है कि वह भी इसी ईवीएम से हुए चुनाव में मुख्यमंत्री बने थे। अभी हुए उपचुनाव से  ईवीएम को अवश्य राहत मिली है। यदि यहाँ से विपक्ष को बढ़त न मिलती तो फिर ईवीएम की खैर नहीं थी। तब कहा जाता कि अब तो बैलेट से ही चुनाव होने चाहिए। इस प्रकार की बाते हमारे नेता सहज रूप में कह देते है। लेकिन बिना किसी प्रमाण के ऐसी बातें चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की प्रतिष्ठा पर आघात पहुंचती है। जबकि भारतीय चुनाव आयोग की विश्व मे प्रतिष्ठा है। कहीं भी इतने विशाल चुनाव इतने सुचारू ढंग से नहीं होते है।
    ये बात अलग है कि सुधार के प्रस्तावों का सदैव स्वागत होना चाहिए। नेता ही नहीं आम नागरिक भी कोई सुझाव दे तो उस पर चुनाव आयोग को विचार करना चाहिए । लेकिन किसी पार्टी विशेष की जीत को झुठलाने के लिए ईवीएम पर हमला ठीक नहीं है। अब तो लगातार कहीं न कहीं चुनाव होते है। चुनाव परिणाम के आधार पर ईवीएम की आलोचना करना,या मौन रह जाना ठीक नही कहा जा सकता। इस समय यही दिखाई दे रहा है। कुछ नेताओं ने इस पर हमला बोलना अपनी फितरत बना ली है। कतिपय आरोप पहले भी लगे है। लेकिन चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद लोगों का समाधान हुआ । लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद इस प्रवत्ति ने जोर पकड़ा है। तब लगातार मिल रही पराजय से बचाव के लिए ईवीएम पर हमला बोला गया था। फिर क्या था। कुछ अन्य नेता भी इसमें कूद गए। यह सब उत्तर प्रदेश में ही ज्यादा दिखाई दे रहा था। इसमें वह नेता सबसे आगे थे।
    जिन्हें ईवीएम के माध्यम से हुए चुनाव में पूर्ण बहुमत मिला। लेकिन जब भाजपा को बहुमत मिला तो कहा गया कि ईवीएम में गड़बड़ी है। बैलेट से चुनाव होने चाहिए। लेकिन यह नहीं बताया गया कि बैलेट से होने वाले चुनाव में भी पराजय मिली तब क्या होगा। ईवीएम के विरोध ने अनेक बार हास्यस्पद स्थिति भी उतपन्न की है। कुछ दिन पहले ही बंगलुरू में विपक्षी नेता जुटे थे। यहां भाजपा बहुमत से पीछे रह गई थी। ऐसे में किसी को ईवीएम की याद नहीं आई। फिर कांग्रेस और जेडीएस ने सरकार बना ली ,तो कहा गया लोकतंत्र जीत गया, यदि भाजपा सरकार बना लेती ,तब कहा जाता कि ईवीएम में गड़बड़ी थी। लोकतंत्र की हत्या हो गई। बैलेट से चुनाव होने चाहिए। पंजाब में भाजपा हार गई , मतलब ईवीएम ठीक थी। गोवा, मेघालय, मणिपुर में उसे बहुमत नहीं मिला, ईवीएम ठीक थी। इस प्रकार के मापदंड आमजन की समझ से परे होते है।
    ऐसा नहीं कि चुनाव आयोग ने इस प्रकार के आरोपों का संज्ञान नहीं लिया था। उसने सभी  पार्टियों  को आरोप प्रमाणित करने के लिए बुलाया था। लेकिन आरोप लगाने वाले चुनाव आयोग की चुनौती से भाग खड़े हुए। कोई  यब बताने भी नहीं गया कि उन्होंने की किस आधार पर आरोप लगया था। देश के विभिन्न हिस्सों में जिस प्रकार के चुनाव परिणाम आ रहे है , उनमें मिश्रित जनादेश है। उत्तर प्रदेश के मतदाता पूर्ण बहुमत दे रहे है। बसपा,सपा के बाद भाजपा के साथ यही हुआ। जब बसपा और सपा को बहुमत के समय ईवीएम ठीक थी। तो भाजपा को बहुमत मिलने पर गड़बड़ कैसे हो गई। कहा गया कि विकसित देश बैलेट से चुनाव करा रहे है। इस संबन्ध में दो बातों पर गौर करना होगा। उन विकसित देशों में भारत जैसी विविधता नहीं है। हमारे यहां बैलेट से चुनाव के समय बूथ कैप्चरिंग के भी आरोप लगते थे। दूसरी बात यह कि अनेक देश अपने यहां चुनाव कराने के लिए भारतीय चुनाव आयोग की सहायता लेते है। वहा ईवीएम से प्रमाणिक चुनाव कराए गए।
    इतना अवश्य है कि एक साथ बड़ी संख्या में मशीनों के खराब हो जाने का समाधान अवश्य होना चाहिए। मतदाताओं को परेशान न होना पड़े,इसका पूरा इंतजाम होना चाहिए। लेकिन यह समझना होगा कि मशीन खराब होने का यह मतलब नहीं कि इसका सत्ता पक्ष को लाभ मिल रहा था। मशीन खराब थी, वहां चुनाव बन्द थे। मशीन बदलने के बाद पुनः चुनाव हुए। किसी भी व्यवस्था के संचालन में कतिपय कठिनाइया भी आती है। लेकिन अपनी हार और जीत के हिसाब से चुनावी प्रक्रिया की अलग अलग व्याख्या अनुचित है। आलोचना में भी संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा का ध्यान रखना चाहिए।

    Keep Reading

    The future belongs to clean, green, and sustainable energy: A. K. Sharma

    आने वाला समय स्वच्छ, हरित व टिकाऊ ऊर्जा का: ए. के. शर्मा

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    68,500 Teacher Recruitment: Candidates lay siege to Minister's residence, demanding implementation of reservation orders.

    68500 शिक्षक भर्ती: आरक्षण आदेश लागू करो, मंत्री आवास पर अभ्यर्थियों का घेराव

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    सिद्धांतों की बलिवेदी में सत्ता का बलिदान देने वाला जननायक

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Bollywood’s ‘Singham’ Ajay Devgn brings prestige to Haridwar International Ayurveda.

    बॉलीवुड के ‘सिंघम’ अजय देवगन ने बढ़ाया हरिद्वार इंटरनेशनल आयुर्वेद का गौरव

    September 11, 2026
    New NIXI-APNIC Partnership to Strengthen Internet Security in India

    14 साल बाद भारत में लौटा APNIC सम्मेलन, NIXI के साथ नई साझेदारी से मजबूत होगी देश की इंटरनेट सुरक्षा

    September 11, 2026
    Prime PR honored as ‘Best PR Agency’ at the Quality Mark Awards 2026.

    प्राइम पीआर को क्वालिटी मार्क अवॉर्ड्स 2026 में मिला ‘बेस्ट पीआर एजेंसी’ का सम्मान

    September 11, 2026
    The divine devotion of Chhath showcased on the big screen for the first time; Tamannaah Bhatia wins hearts in the song 'Chhathi Maiya' from the film 'The Vvaan'.

    बड़े पर्दे पर पहली बार दिखी छठ की अलौकिक आस्था, ‘द व्वान’ के गाने ‘छठी मैया’ में तमन्ना भाटिया ने जीता दिल

    September 11, 2026
    'The Shape of Belonging': A documentary exploring new perspectives beyond ramps and lifts.

    ‘द शेप ऑफ बिलॉन्गिंग’: रैंप और लिफ्ट से आगे बढ़कर नई सोच तलाशती डॉक्यूमेंट्री

    September 11, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading