कहते हैं आयुर्वेद में नीम एक फायदे अनेक! हमारे घरों के आस -पास नीम के पेड़ अक्सर मिल जाया करते हैं हालाँकि अब कंक्रीट के जंगलों के चलते इनका मिलना मुश्किल हो गया हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस प्राकृतिक नीम के पेड़ से उपचार में लोगों कितना लाभ मिलता है। वास्तव में तब आप क्या कहेंगे! जब आपको कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक प्राकृतिक समाधान मिले। शायद आपको आश्चर्य हो होना भी चाहिए और यह काम नीम के सिवा कोई भी दूसरा नहीं कर सकता। आयुर्वेद में इसे सर्व रोग निवारण ही कहा जाता है। चाहे त्वचा की समस्या हो या पाचन की गड़बड़ी हर रोगों से नीम आसानी से छुटकारा दिलाती है।
आयुर्वेद के अनुसार नीम स्वाद में कड़वा जरूर है पर शक्ति में ठंडा और शरीर में पित्त और कफ को संतुलित करने में मदद करता है। नीम अपनी ठंडी प्राकृतिक गुण के कारण त्वचा को एक सुखद उपचार प्रदान करता है। नीम का कड़वा स्वाद प्रकृति के कार्य में सुधार करता है और यकृत में मौजूद विषाक्त को हटा देता है। आइए जानते हैं नीम के कुछ फायदे-
मुहासों का उपचार
यदि आप मुहासों से पीड़ित हैं तो यह आपके लिए बेहद उपयोगी है नीम के एंटी -ऑक्सीडेंट दोबारा मुहासे होने नहीं देते हैं जबकि इसकी एंटी-ऑक्सीडेंट मुहांसों के दाग और निशान को भी हटाने में मदद करती है जिससे हमेशा आप तरोताज़ा और साफ दिखती है।
कैसे इस्तेमाल करें
नीम के पत्तों को मुट्ठी भर ले लें, और उसे साफ़ पानी में धो लें 4 भाग पानी एक छोटे भगोने में तब तक उबालें। जब तक कि पानी हरा ना हो जाए। जब पानी थोड़ा ठंडा हो जाए तो इससे चेहरे को धोने में उपयोग करें। इसके अलावा आप वैकल्पिक रूप से कुछ नीम के पत्तों को पीसकर मुंहासों पर भी लगा सकते हैं। सूखने के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें। दिन में दो बार नीम का पानी इस्तेमाल कर सकते हैं इसके अलावा आप इसे पेस्ट बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैंसर का उपचार
- नीम के पत्तों में मौजूद प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में सुधार करके कैंसर उपचार में सहायता के लिए जाने जाते हैं।
- मुक्क्त कणो को समाप्त करते हैं और कोशिका विभाजन कर सूजन को कम करते हैं इसके योगिक कीमोथैरेपी की प्रभावशीलता में वृद्धि करते हैं।
कैसे इस्तेमाल करें
- 4-5 नीम के पत्तों को रोजाना सुबह खाली पेट चबाएं। खाने से पहले आप उसे अच्छी तरह से धो लें। यह आपको कैंसर के अलावा पेट के कई रोगो से बचाएगा।
- दांत और मसूढ़ों की रक्षा करता है। नीम का दातुन करने से दांतों और मसूड़ों की सभी समस्याएं खत्म हो जाते हैं। जो मसूढ़ों और दांतों का पीलापन, मुंह के अल्सर और पायरिया जैसे रोगों को खत्म कर देते हैं इसे अपने दैनिक देखभाल व्यवस्था बना सकते हैं।
कैसे इस्तेमाल करें
एक मध्यम आकार की टहनी लें इसे आप एक तरफ टूथ ब्रश बना लें। और आप इसे प्राकृतिक रूप से टूथ ब्रश की तरह इस्तेमाल करें। और सादे पानी से कुल्ला कर लें। यदि आपको यह पसंद नहीं करते तो आप उस पर पेस्ट लगाकर दांतों को साफ कर सकते हैं।







