लखनऊ, 26 जून। आरक्षण समर्थकों के पक्ष में दिया गया कल्याण सिंह का यह राजनितिक बयान सत्ता पक्ष की नींद हराम कर सकता है। उन्होंने कहा कि भीख मांगने से अधिकार कभी भी नहीं मिलते। इसके लिए थप्पड़ मारो और छीनो वाली मानसिकता होनी चाहिए। लखनऊ के एक कार्यक्रम में बोलते हुए राजस्थान के गवर्नर और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने दलितों-पिछड़ों को यही समझाया।
बता दें कि श्री कल्याण सिंह आज लोकबंधु वंचित वर्ग महासंघ की ओर से रविंद्रालय में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह की स्मृति में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कहा कि जिस तरह से डॉ. भीमराव आंबेडकर ने एससी-एसटी को हक दिलाया, उसी तरह से वीपी सिंह ने पिछड़े वर्ग के लिए काम किया। दोनों वंचितों के लिए मसीहा से कम नहीं थे। साथ ही उन्होंने आरक्षित वर्गों से संगठित होने का आह्वान किया और कहा कि उच्च पदों पर आरक्षित वर्ग के अफसरों का न होना भी एक तरह से अन्याय है।
उन्होंने कहा कि हमें इसके खिलाफ भी आवाज उठानी होगी। राजस्थान के राज्यपाल ने कहा कि संवैधानिक पद पर होने के कारण मैं कोई दलगत राजनीति की बात नहीं करूंगा, पर इसमें से आप राजनीतिक संकेत निकाल सकें तो निकाल लेना। इस क्रम में उन्होंने कहा कि आज तमाम तरह की भ्रांतिया पैदा करने की कोशिश हो रही है कि आरक्षण खत्म कर दिया जायेगा।
एससी-एसटी और ओबीसी अधिकारियों की उच्च पदों पर संख्या बेहद कम
हर स्तर के चुनाव में टिकट मांगो। अगर टिकट न मिले तो एकसाथ बैठकर फैसला लो कि एक तरफ ही जायेंगे। इसके बाद देखना कि हर राजनीतिक दल के नेता आपकी चौखट पर माथा टेकने आयेंगे। कल्याण सिंह ने कहा कि आप लोगों के बीच पुन: चेतना जगाना चाहता हूं कि कोऊ नृप होऊ, हमहि का हानी वाला भाव छोड़ दो। रामराज्य में यह बात ठीक हो सकती है, पर आज नहीं। शिक्षा, संगठन और संघर्ष से ही वंचितों की तकदीर बदल सकती है। अपने अंदर यह भाव पैदा करो कि जिससे खुश हो, उस पर सब कुछ लुटा दो। जिससे नाराज हो, उसका बंटाधार कर दो। कल्याण सिंह ने कहा कि उच्च पदों पर एससी-एसटी और ओबीसी अधिकारियों की संख्या बेहद कम है। इस तरफ सरकारों को भी ध्यान देने की जरूरत है।
सदियों से दलितों और पिछड़ों को वंचित रखा गया
उन्होंने कहा कि सदियों से दलितों और पिछड़ों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से वंचित रखा गया है, आरक्षण उसी पाप का प्रायश्चित है। गरीब सवर्णों को आरक्षण देने में कोई एतराज नहीं होना चाहिए, पर हमारा हिस्सा बिल्कुल भी नहीं कटना चाहिए। कल्याण सिंह ने कहा, एक बात सदैव याद रखना कि जो समाज राजनीति में पिछड़ जाता है, उसकी दो कौड़ी की इज्जत रह जाती है।







