उपभोक्ता परिषद ने साझा की कुछ यादें: और प्रदेश की उपभोक्ताओं की तरफ से दी अटल जी को श्रद्धांजलि
लखनऊ, 17 अगस्त 2018: देश के पूर्व प्रधानमंत्री मा. श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के लम्बी बीमारी के बाद निधन पर प्रदेश के 2 करोड़ 20 लाख विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से उपभोक्ता परिषद ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी आम जनमानस की समस्याओं पर इतना संवेदनशील थे कि पूरी दुनियां नतमस्तक थी।
एक वाकये में उपभोक्ता परिषद ने बताया कि हम वह बात कभी नहीं भूल सकते। जब सन् 1999 में जब मा. अटल जी लखनऊ संसदीय क्षेत्र से सांसद होकर देश के माननीय प्रधानमंत्री के पद पर आसीन थे, उस दौरान राजधानी लखनऊ के विद्युत आपूर्ति वाले क्षेत्र लेसा में तत्कालीन मुख्य अभियन्ता श्री पवन कुमार द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शन जोड़ने व काटने की फीस को मनमाने तरीके से रू0 100 की जगह 250 कर दिया गया। उसी क्षण उपभोक्ता परिषद ने अपने सांसद व पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी को एक फैक्स भेजा और उसमें आरोप लगाया कि लेसा के अधिकारी आपके संसदीय क्षेत्र में आपकी छवि धूमिल करने के लिए उपभोक्ताओं का उत्पीड़न कर रहे हैं और इस प्रकार का मनमाना आदेश कर उपभोक्ताओं से अधिक वसूली कर रहे हैं।
36 घंटे में ही न्याय मिल गया:
यह जानकर आश्चर्य होगा कि मात्र 24 घंटे के अन्दर हड़कम्प मच गया और पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मा. श्री कल्याण सिंह कार्यालय द्वारा अविलम्ब बिजली विभाग से रिपोर्ट तलब की गयी। अंततः बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर लेसा ने अपना आदेश तत्काल वापस ले लिया और उपभोक्ताओं को 36 घंटे बीतते ही न्याय मिल गया।
एक वह समय था, जब राजधानी का विद्युत उपभोक्ता अपने आपको वीआईपी महसूस करता था, उसकी पीड़ा और कष्ट पर सीधे पीएमओ की नजर थी और आज की संवेदनशीलता पूरी तरह मर गयी है। उपभोक्ता परेशान, बेहाल रहते हैं, लेकिन उनकी तरफ कोई देखने वाला नहीं।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा काउन्सिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि मा. अटल जी की संवेदनशीलता व सजगता का पूरा देश हमेशा नतमस्तक रहेगा। उनके प्रधानमंत्रित्व काल में राजधानी लेसा की विद्युत व्यवस्था पर सीधे पीएमओ की नजर रहती थी और एक जमाना था, जब लेसा में विद्युत आपूर्ति को लेकर रास्ता जाम और हंगामा मचता था, उन्हीं के कार्यकाल में इन सब झंझटों से उपभोक्ताओं को निजात मिल गयी थी। एक आज का दिन है कि किसी भी विद्युत उपभोक्ताओं पर किसी को चाहे जितना पत्राचार करते रहो, कोई सुनने वाला नहीं है। प्रदेश का विद्युत उपभोक्ता सदैव मा. पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के सिद्धान्तों को याद करता रहेगा।







