आज टीचर्स डे है। वैसे तो आपको पता ही है कि टीचर स्टूडेंट के बीच एक अलग ही पवित्र रिश्ता होता है। एक टीचर ही आपको जिंदगी जीने का तरीका और उसमें आने वाली मुश्किलों से लड़ने के बारे में बताता है। यही वजह है कि सैकड़ों साल पहले की कई कहानियां ऐसी हैं। जिनमें गुरु और शिष्य के रिश्ते को बहुत ही खूबसूरती से बयां किया गया है।
बॉलीवुड में भी इस पर कई फिल्में बनी है, तो टीचर्स डे के खास मौके पर बताते हैं आपको उन फिल्मों के बारे में जिनमें टीचर स्टूडेंट के खूबसूरत रिश्तो को दर्शाया गया है। पुरानी फिल्म गंगा जमुना और एक बूँद जो बन गयी मोती तो टीचर्स डे पर इतिहास दर्ज करा गयीं। लेकिन अब नई फिल्में भी बदलते दौर में उतनी ही ज़िम्मेदारी निभा रही है जितना कि पुरानी फ़िल्में-
आरक्षण
टीचर और स्टूडेंट के बीच रिश्तो पर बनी फिल्मों में से एक आरक्षण, इस फिल्म में अमिताभ बच्चन एक स्कूल के प्रिंसिपल के किरदार में थे। जो आगे चलकर एक समाज सेवक बन जाते हैं। प्रभाकर आनंद के किरदार में अमिताभ बच्चन ने बदलते एजुकेशन सिस्टम से जूझते हुए काफी अहम और सकारात्मक बदलाव दिखाएं।
मोहब्बतें
इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ‘नारायण शंकर’ नाम के टीचर के किरदार में नजर आए थे। जो गुरुकुल में बेहद अनुशासन बनाए रखना चाहते थे, लेकिन ऐसे में एक म्यूजिक टीचर आता है जो बच्चों को खुलकर जिंदगी जीने की सलाह देता है और उनके साथ दोस्त की तरह रहता है।
पाठशाला
साल 2010 में आई फिल्म पाठशाला में शाहिद कपूर आयशा टाकिया और नाना पाटेकर लीड रोल में थे फिल्म भारतीय एजुकेशन सिस्टम और इसके भविष्य पर एक कटाक्ष थी।
तारे जमीं पर
आमिर खान की फिल्म तारे जमी पर 2007 में आई तो लगा आज के शिक्षक समाज में काफी अच्छी भूमिका निभाते हैं। इस फिल्म में आमिर खान और दर्शील सफारी ने बेहतरीन एक्टिंग की। फिल्में दिखाए गए गया कि कैसे एक बच्चे को पढ़ने लिखने में दिक्कत होने की वजह से उसके माता-पिता उसे परिवार से दूर बोर्डिंग स्कूल भेज देते हैं, लेकिन फिर एक टीचर की एंट्री होती है और वह उस बच्चे के टैलेंट को पहचानता है और उस बच्चे की मदद करके उसकी सारी दिक्कतें दूर कर देता है। सबको अपने लाइफ में ऐसे टीचर की खास जरूरत होती है।







