वन विभाग ने कारण बताया इनफाइट: 19 दिनों में 16 शेरों की मौत
भारत में वैसे भी शेरों की संख्या कम है ऐसे में गिर के जंगलों में शेरों की मौत का सिलसिला जारी रहना बेहद चिंताजनक है। बता दें कि दुनिया में एशियाई शेरों के एकमात्र निवास गुजरात के गिर वन के केवल एक ही हिस्से में पिछले 19 दिनों में 16 शेरों की मौत हो गई है और पिछले 48 घंटे के दौरान दो और शेरों की मौत फिर हो गई जिसके साथ ही गिर वन के पूर्वी हिस्से के दलखानिया रेंज में गत 12 सितम्बर से अब तक मरने वाले शेरों की संख्या बढ़ कर 16 पहुंच गई है।
मीडिया ख़बरों के अनुसार राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र के तीन जिलों गिर सोमनाथ, अमरेली और जूनागढ़ में 1800 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले गिर वन में 2015 में हुई पिछली पांच वर्षीय सिंह गणना के अनुसार शेरों की कुल संख्या 523 थी जो उसे पहले 2010 में हुई ऐसी गणना के 411 की तुलना में करीब 27 फीसद अधिक थी। हालांकि शेरों की हालिया मौत के मामले में कुछ समय से चुप्पी साधे राज्य के वन महकमे के सबसे आला अधिकारी हेड ऑफ फारेस्ट्री फोर्स जीके सिन्हा ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि अब भी शेरों की संख्या में हर साल कम से कम पांच फीसद का इजाफा हो रहा है।
वन विभाग ने इनमें से अधिकांश के लिए दलखानिया रेंज में बाहरी शेरों के घुसने से हुई वर्चस्व की लड़ाई यानी इनफाइट को ही जिम्मेदार बताया है पर इसे लेकर भी सवाल उठाये जा रहे हैं कि इतने बड़े जंगल के केवल एक ही हिस्से में इतने बड़े पैमाने पर इनफाइट क्यों हो रही है। राज्य सरकार दावा कर रही है कि मौत के लिए किसी तरह का विषाणु या अन्य कारण जिम्मेदार नहीं है पर यह भी स्पष्ट नहीं है कि इनफाइट के अलावा बीमारी से मरने वाले शेरों को आखिर कौन सी बीमारी थी।







