डॉ दिलीप अग्निहोत्री
शीशे के घरों में रहने वालों को दूसरे पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। कांग्रेस पिछले चार वर्षों से यही कर रही है। कुछ दिन तक उन्होंने राफेल डील पर घोटाले का आरोप लगाया था। लेकिन बिना तथ्यों के लगाए गए आरोप ने कांग्रेस की फ्रांस तक जगहँसाई कराई थी। राहुल द्वारा लगाए गए आरोपो की बखिया उधेड़ दी गई थी। अब पांच राज्यों की विधानसभा चुनाव प्रचार में राहुल बता रहे है कि भगोड़ा लोगों से पैसा वसूल कर गरीबों में बाटेंगे। धीरे धीरे ही सही कांग्रेस कठघरे में आ रही है।नरेंद्र मोदी ने कहा कि जांच इस दिशा में चल रही जिससे दोषियों के बचना मुश्किल है। मिशेल के प्रत्यर्पण और नेशनल हेराल्ड मामले से कांग्रेस की परेशानी बढ़ेगी। अगस्ता वेस्टलैंड मामले के मुख्य आरोपी क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण ने तो कांग्रेस की धड़कने बढा दी है।इसकी आहट भी सुनाई पड़ने लगी है। मिशेल की पैरवी करने वाले अपने एक नेता को कांग्रेस ने पार्टी से हटा दिया है। इतना ही नहीं विजय माल्या के देर सबेर प्रत्यर्पण की संभावना बढ़ी है। उसके स्वर भी बदलने लगे है। कह रहा है कि मूल धन लौटा देगा।
अगस्ता वेस्टलैंड मामले के मुख्य आरोपी क्रिश्चियन मिशेल का प्रत्यर्पण हुआ, विजय माल्या के प्रत्यर्पण की संभावना भी बनी है। यदि ऐसा हुआ तो कांग्रेस हाई कमान की रंगत देखनी होगी, जो माल्या , निराव को भगाने का आरोप वर्तमान सरकार पर लगाते रहे है। जबकि मिशेल, क्वात्रोची आदि पर खामोश रहते थे। विजय माल्या, निराव मोदी , आदि कांग्रेस की नीतियों की उत्पति थे।
दो हजार बारह में इटली की जांच एजेंसी ने चॉपर डील में दलाली का आरोप लगाया था। उसका कहना था कि फिन मैकिनिका ने कुछ भारतीय नेताओं और वायुसेना अधिकारियों को रिश्वत देकर सौदा हासिल किया गया था। इटली कोर्ट में फिनमैकिनिक और वेस्टलैंड के जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई थी। न्यायिक सुनवाई में यूपीए के शीर्ष नेताओं के नाम सामने आए थे।
फिनमेकेनिका कंपनी को ठेका देने के लिए हेलीकॉप्टर की उड़ान की अधिकतम सीमा को घटाने का आरोप लगा था। सीबीआई का आरोप था कि उड़ान की ऊंचाई की सीमा घटाने के लिए कई सौ करोड़ रुपये की घूस दी गई। एजेंसी का आरोप है कि ऊंचाई की अधिकतम सीमा तत्कालीन वायु सेना अध्यक्ष एसपी त्यागी की सहमति से कम की गई थी। सीबीआई ने इस मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके भाई जूली त्यागी, वकील गौतम खेतान को दिसंबर दो हजार पन्द्रह में गिरफ्तार किया था।
सीबीआई ने इसके बाद दुबई की महिला कारोबारी शिवानी सक्सेना को भी गत वर्ष गिरफ्तार किया था। जांच के बाद इन आरोपियों व मिशेल के खिलाफ दो हजार सत्रह को चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई की एफआईआर के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए अलग शिकायत दर्ज की थी। छत्तीस सौ करोड़ रुपए के अगस्ता वेस्टलैंड मामले में क्रिश्चियन पर मनी लॉन्ड्रिंग करने, घूस लेने और धोखाधड़ी करने का आरोप है। वह उन तीन बिचौलियों में से एक हैं, जिनके खिलाफ जांच की जा रही है। गुइदो हाश्के और कार्लो गेरेसा भी इस मामले में शामिल हैं।
गत वर्ष गिरफ्तारी के बाद से दुबई की जेल में था। उसे यूएई में कानूनी और न्यायिक कार्यवाही के लंबित रहने तक हिरासत में भेज दिया गया था। भारत ने यूएई से क्रिश्चियन को भारत प्रत्यर्पित करने की आधिकारिक अपील की थी। इस संबंध में यूएई की अदालत को जरूरी दस्तावेज भी सौंपे गए थे। मिशेल पर आरोप है कि उसने सह आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा। सह आरोपी में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं।
ईडी को जांच में पता चला था कि मिशेल अपनी दुबई की कंपनी ग्लोबल सर्विसेज के माध्यम से दिल्ली की एक कंपनी को शामिल करके अगस्ता वेस्टलैंड से रिश्वत ली। सरकार ने दो हजार दस में रक्षा मंत्रालय के जरिए ब्रिटेन की अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल लि. का ठेका दिया था। इस मामले में मिशेल का कहना था कि इस डील में दो अन्य बिचौलिए भी थे, लेकिन तत्कालीन भारत सरकार ने फिर क्यों एक व्यक्ति गुइदो हाश्के से इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस हटवाया।
उसका दावा था कि तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री ने इटली के प्रधानमंत्री के साथ डील की, जिसके बाद गुइदो हाश्के का नाम रेड कार्नर नोटिस से हटाया गया था। आरोप है कि अगस्ता वेस्टलैंड डील के लिए क्रिश्चियन को करीब तीन सौ पचास करोड़ दिए गए थे। क्रिश्चियन ने घूस की रकम ट्रांसफर करने के लिए दो कंपनियों ग्लोबल सर्विसेज एफजेडई, दुबई और ग्लोबल ट्रेड एंड कॉमर्स सर्विसेज, लंदन का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस की यह परेशानी अकेली नहीं आई। इधर मिशेल का प्रत्यर्पण हो रहा था, उधर नेशनल हेराल्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल ,सोनिया की मुश्किल बढा दी। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। इसके पहले सितंबर में दिल्ली हाई कोर्ट ने दो हजार ग्यारह बारह के टैक्स आकलन के मामले को दोबारा खोले जाने के मसले में दोनों नेताओं को राहत देने से साफ इन्कार कर दिया था।
हाईकोर्ट ने कहा था कि टैक्स संबंधी पुराने मामलों की आयकर विभाग फिर से जांच कर सकता है। हाई कोर्ट के इस फैसले को दोनों नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। दोनों ने नेशनल हेराल्ड और यंग इंडिया से जुड़े टैक्स एसेसमेंट की दोबारा जांच के आयकर विभाग के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। गौरतलब है कि राहुल और सोनिया के खिलाफ आयकर जांच का मुद्दा भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने उठाया था। बता दें कि सोनिया-राहुल ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने सितंबर में दोनों नेताओं के आयकर दस्तावेजों की दोबारा जांच पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था।
अभी तक तो कांग्रेस नरेंद्र मोदी सरकार पर जम कर आरोप लगा रही थी। राहुल गांधी ने सूट बूट की सरकार से अपने आरोप की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने इसे पन्द्रह उद्योगपतियों की सरकार बताया। विजय माल्या, नीरव मोदी को भगाने वाला घोषित किया। अपनी पार्टी को सर्वहारा की हिमायती बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन उसका अतीत सच्चाई बन कर परेशान करने लगता है। नेशनल हेराल्ड पर सुप्रिम कोर्ट का नया निर्देश, मिशेल का प्रत्यर्पण, फोन पर कर्ज देने का रिकार्ड उंसकी हकीकत बयान करने वाला हो सकता है।
भाजपा ने कहा कि क्रिश्चियन मिशेल को बचाने के लिए कांग्रेस ने अपने वकीलों की टीम लगा दी है। मिशेल के बचाव में कोर्ट में पेश हुए तीनों वकील कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मिशेल केस से अपने लोगों को हटाना नहीं चाहती। अपने वकीलों के जरिए वह वह केस से जुड़ी जानकारियां हासिल करना चाहती है। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस ने राम मंदिर केस से सिब्बल को हटाया लेकिन मिशेल का बचाव करने के लिए अपने वकीलों को लगा रखा है।
जोसेफ के अलावा दो अन्य वकील मिशेल का बचाव कर रहे थे। इनमें से एक विष्णु शंकर केरल कांग्रेस के एक नेता के पुत्र हैं जबकि श्रीराम प्रकट एनएसयूआई के सदस्य रहे हैं। ये तीनों अधिवक्ता सलमान खुर्शीद और कपिल सिब्बल जैसे कांग्रेस के बड़े नेताओं के अधीन काम कर चुके है। क्रिश्चियन मिशेल के वकील के तौर पर पेश हुए अलजो जोसेफ को युवा कांग्रेस ने तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। मिशेल के वकील के तौर पर पेश हुए जोसेफ भारतीय युवा कांग्रेस के विधि विभाग के प्रभारी थे। जाहिर है कि कांग्रेस को जल्दी ही यह अहसास हो गया कि वह भ्र्ष्टाचार के मसले पर शीशे के घर में है। सरकार पर निराधार आरोप लगाने का उसका दांव उल्टा पड़ रहा है।








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