लखनऊ, 03 फरवरी 2019: रिजर्व बैंक के सामने संगीत नाटक अकादमी परिसर गोमतीनगर में पुस्तक प्रेमी न केवल किताबों से रूबरू हुए बल्कि, लेखकों, प्रेरक बाल प्रस्तुतियों और मनोरंजक कार्यक्रमों से भी उनका साक्षात्कार हुआ। लखनऊ पुस्तक मेले के साथ ही यहां दस दिवसीय अंकुरम शिक्षा महोत्सव भी चल रहा है। सुबह 11 बजे से रात नौ बजे और 10 फरवरी तक ‘महापर्व कुम्भ’ थीम पर चल रहे इस पुस्तक मेले में सभी को निःशुल्क प्रवेश मिल रहा है। मेले में कल भारतीय सिनेमा व प्रतिरोध के सिनेमप पर दो विषेष कार्यक्रम होंगे।
रविवार की गुनगुनी धूप में छुट्टी का दिन होने के नाते पुस्तक मेले के तीसरे दिन लोगों का यहां सपरिवार आना शुरू हो गया था। महापर्व कुम्भ की थीम पर आधारित मेले में सुभाष पुस्तक भण्डार के स्टाल पर पेंग्विन और हार्पर कॉलिन्स के अंग्रेजी नॉवल और अन्य विषयों की किताबें हैं।
कलाकुंज के स्टाल पर राजकमल वाणी प्रकाशन व ज्ञानपीठ प्रकाशन की मुख्य रूप से साहित्यिक पुस्तकें हैं। अहमदिया मुस्लिम जमाअत के स्टाल पर इस्लामी साहित्य और मानवता को रेखांकित करने वाली अनेक पुस्तकें हैं। यहां कुरआन शरीफ विष्व की 72 भाषाओं में तो हिन्दी-अंग्रेजी सहित अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हो सकती है। जमाअत के स्टाल पर विष्वसंकट तथा शान्तिपथ जैसी किताबें पुस्तक प्रेमियों को निःशुल्क दी जा रही हैं।

मेले में लखनऊ, दिल्ली, मुम्बई, अहमदाबाद, नोएडा, चण्डीगढ़ आदि शहरों से आए प्रकाशकों के स्टाल पर भी नई प्रकाषित किताबों के साथ पुरानी लोकप्रिय पुस्तकें हैं। मेले में दोपहर और शाम को उर्दू सिखा रहे ओरियण्ट लैंग्वेज के दिव्यरंजन पाठक ने बताया कि अंतिम दिन पंजाबी भाषा की विषेष कक्षा चलेगी। मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में न्त्य व नाट्य के कुछ और कार्यक्रमों के लिए बात चल रही है। सांस्कृतिक मंच पर आज शाम साहित्य प्रेमी लेखक से संवाद के अंतर्गत रचनाकार एम.एम.चन्द्रा से रूबरू हुए तो कथा कथन में मानवीय संवेदनाआें पर आधारित कहानियों के पाठ से साहित्य प्रेमियो की प्यास बुझी।








