आयोजन के लिए प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को हर माह 250 रुपए की धनराशि आवंटित की गयी है
लखनऊ, 3 फरवरी 2019: आंगनवाड़ी केन्द्रों पर समुदाय आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसके तहत गोद भराई कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मोनिका एस. गर्ग, महानिदेशक राज्य पोषण मिशन उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र लिखा गया है कि हर माह की 30 तारीख को प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की जाए। यदि उस दिन अवकाश होगा तो कार्यक्रम अगले दिन मनाया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं की गोद भराई प्रथम तिमाही में सुनिश्चित की जाए। इस गतिवधि के लिए प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को हर माह 250 रूपये दिये जायेँ। आंगनवाड़ी केंद्र के अंतर्गत आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की पहचान व उनका पंजीकरण गर्भ की पहली तिमाही में किया जाना आवश्यक है। इस दिन गर्भवती महिला को उपहार के रूप में पोषण पोटली दी जाए, जिसमें पौष्टिक आहार जैसे गुड़, चना, सहजन, हरे पत्तेदार सब्जियाँ, आयरन की गोलियां, पोषाहार व फल दिये जायेँ और उन्हें इन पदार्थों का नियमित रूप से सेवन करने की सलाह दी जाये व इन खाद्य पदार्थों से क्या लाभ मिलेगा इसके बारे में भी बताया जाये।
आंगनवाड़ी केंद्र पर पंजीकृत महिलाओं, जिनके गर्भ का तीसरा या चौथा माह है उन सभी महिलाओं को उनके पति तथा सास या परिवार के अन्य सदस्य, आशा तथा स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के साथ आमंत्रित किया जाए तथा उन्हें आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड, प्रसव पूर्व देखभाल, एनीमिया की रोकथाम व पौष्टिक आहार के संबंध में जानकारी दें एवं उन्हें व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित करें। टिटेनस का इंजेक्शन लगाना सुनिश्चित किया जाये।
किस तरह से गर्भवती महिलाएं अपने घर में मौसमी फल एवं साग सब्जियाँ घर में पोषण वाटिका बनाकर उगा सकती है इसके बारे में बताया जाये। हर सप्ताह 100 मिली ग्राम आयरन की गोली नींबू पानी, कीनू, संतरा या आंवले के साथ सेवन करने की सलाह दी जाये। गर्भवती महिलाओं को यह सलाह दी जाये कि आयरन की गोलियां चाय, कॉफी या दूध के साथ न लें। उन्हें दूध, विटामिन सी, कैल्शियम एवं प्रोटीनयुक्त पदार्थों के अधिक सेवन के बारे में बताया जाये। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर गठित मातृ समिति की गोद भराई कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाये।







