संगोष्ठी में 1100 से भी ज्यादा भारत के विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के आये हैं सार
पटना, 05 फरवरी 2019: पुरातत्व निदेशालय, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार तथा इंडियन आर्कियोलॉजिकल सोसाइटी, नई दिल्ली इंडियन सोसाइटी फॉर प्री-हिस्टॉरिक एंड क्वार्टनरी स्टडीज, पुणे इंडियन हिस्ट्री एंड कल्चर सोसाइटी, नई दिल्ली के तत्वावधान में 06-08 फरवरी 2019 से पटना में ‘वार्षिक पुरातात्विक संगोष्ठी’ का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी का उद्धाटन 6 फरवरी 2019 को ज्ञान भवन पटना में श्री सुशील कुमार मोदी, माननीय उपमुख्यमंत्री, बिहार सरकार करेंगे। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होगा।
उक्त जानकारी आज प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुरातत्व निदेशालय, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार के निदेशक डॉ अतुल कुमार वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि इस संगोष्ठी का मुख्य विषय है INDIAN ARCHACOLOGY PERSPECTIVE FOR THIS TWENTY FIRST CENTURY है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री कृष्ण कुमार ऋषि, माननीय मंत्री कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार करेंगे। विशिष्ठ अतिथि श्री रवि मनुभाई परमार, प्रधान सचिव कला, संस्कृति विभाग होंगे।
डॉ वर्मा ने बताया कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में भारत के विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के 1100 से भी ज्यादा सार प्राप्त हुए हैं। दिनांक 7 और 8 फरवरी को इस कार्यक्रम के विद्वत सत्रों का आयोजन पटना संग्रहालय में किया गया है। इस संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में कई स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया है। इस स्मृति व्याख्यान को डॉ के एन दीक्षित, डॉ बी आर मृणि (महानिदेशक, राष्ट्रीय संग्रहालय), डॉ बसंत शिंदे (कुलपति, डककन कॉलेज, पुणे),प्रो. प्रकाश सिन्हा (इलाहाबाद विश्वविद्यालय), प्रो. आलोक त्रिपाठी (सिल्चर विश्वविद्यालय, असम), डॉ के सी नौरियाल (संरक्षण एवं उत्खनन पदाधिकारी बिहार), डॉ युथिका मिश्रा व डॉ विजय चौधरी (कार्यपालक निदेशक, बिहार विरासत समिति) द्वारा दिये जायेंगे।







