पशु पक्षियों को जिंदगी बचाने के लिए कैसे पानी मिल पाएगा
अमेठी, 18 मई 2019: मई की भयंकर गर्मी में पारा 40 के पार है और ऐसे में जिले के 95% तालाब और लहरें सूखे पड़े है जांगले के पशु पंछी पानी के लिए तड़प -तड़प कर दम तोड़ रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन द्वारा पशु- पक्षी आवारा जानवरों के जल की उचित व्यवस्था नहीं की जा रही है मात्र कागजों में तालाब सरोवर भरे जाने के आदेश दिए जा रहे है।
मिली जानकारी के अनुसार अमेठी के संग्रामपुर विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न ग्राम सभाओं के 53 तालाबों में पानी भरे जाने की सूची जारी की गई, लेकिन वहां मात्र गिनती के क्षेत्रों में पानी दिखाया जा रहा है। जबकि 3 तालाबों को आधा भरा दिखाया जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि ब्लॉक के 44 तालाब सूखे पड़े हैं। ऐसे में पशु पक्षियों को जिंदगी बचाने के लिए कैसे पानी मिल पाएगा। लोगों का कहना है कि पशु -पंछी जंगली जानवर प्रकृति के अंग हैं। जिनका होना कुदरत के लिए अति आवश्यक है।

बता दें कि स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी में ही तालाब भरे जा रहे हैं क्योंकि बरसात शुरू होने के बाद बरसात के ही पानी को दिखाकर सरकारी धनराशि की बंदरबांट करके मामला खारिज कर दिया जाएगा।
वहीं संग्रामपुर के करनपुर निवासी दुखीराम का कहना है कि प्रधान द्वारा तालाब का मछली पालन के लिए पट्टा दिया गया था लेकिन फिर भी पानी नहीं है इसी तरह बनवीर पुर निवासी सजीवन प्रत्याशी पानी के लिए बेहाल हैं गांव के तालाब सूखे हैं।
भागलपुर निवासी सोनू का कहना है कि गर्मी को देखते हुए जल्द से जल्द आवारा पशुओं और पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था सालों में किया जाना चाहिए एडीओ पंचायत संग्रामपुर योगेश श्रीवास्तव ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि संग्रामपुर ब्लाक के सभी ग्राम विकास अधिकारी ग्राम सचिव व ग्राम प्रधान को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया है। एक हफ्ते के अंदर तालाबों में पानी भरा कर वीडियो और फोटोग्राफी उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।







