काम का दबाव बढऩे के कारण हो सकता है कि आपको घर की बजाय दफ्तर में ज्यादा वक्त गुजारना पड़ रहा हो। खुद के लिए जरा भी वक्त न निकाल पाने के कारण तनाव में आना स्वाभाविक है। कुछ तरीके अपनाएं तो आप काम के दौरान भी काफी खुश रह सकते हैं।
सकारात्मक रहें:
हो सकता है कि दफ्तर में काम के दौरान आपको कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़े। याद रखें, आपके झल्लाने, गुस्सा करने या तनाव में आने से वे मुश्किलें गायब नहीं हो जाएंगी। कई शोध यह साबित कर चुके हैं कि मुश्किल समस्याओं को हल करते वक्त अगर आप सकारात्मक तरीके से सोचते हैं तो आप उसे बेहतर हल कर पाते हैं। इसलिए काम का कितना भी दबाव हो, नकारात्मक सोच में न पड़ें।
ब्रेक लें:
हर रोज लगातार कई-कई घंटे काम करने से आपको थकान हो जाती है, आप तनाव में आ जाते हैं और आपका मूड भी अच्छा नहीं रहता। इसलिए काम के दौरान 15 मिनट का ब्रेक लेते रहें। यदि संभव हो तो अपनी आंखें बंद करें और हल्के हाथ से रगड़ें। आंखों की थकान भी कम होगी।

फीडबैक के लिए कहें:
एक फीडबैक आपको आयडिया देगा कि असल में बॉस आपसे चाहता क्या है। इसलिए अपने बॉस से हमेशा फीडबैक के लिए कहें। जो भी फीडबैक मिले, उसका इस्तेमाल अपनी प्रगति के लिए करें।
दोस्ताना व्यवहार करें:
अपने साथियों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार करने से आपके भीतर बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है। मैत्रीपूर्ण व्यवहार करने का मतलब यह भी नहीं है कि आप उनके साथ हर वक्त घूमते रहें। दोस्ताना माहौल से वर्कप्लेस पर उत्पादकता बढ़ती है और सकारात्मक माहौल रहता है।
एटीट्यूड बदलें”
अगर आपको अपना काम पसंद नहीं है तो फिर नई नौकरी ढूंढने की कोशिश करें, लेकिन अगर आप अपने वर्तमान जॉब पर टिके रहना चाहते हैं तो फिर इसी को अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करें।कुल मिलाकर, यह देखें कि आप अपने आपको इंप्रूव कैसे कर सकते हैं, ताकि आप और अच्छा काम कर सकें। इससे होगा यह कि जब आप अपना जॉब छोड़ेंगे तो आप पाएंगे कि इसने आपको कितना बेहतर किया है।
अपने लिए लड़ें:
किसी को भी जबरन टांग खिंचाई या शोषण पसंद नहीं होता। अगर आपको लगता है कि आपका बॉस आपको जबरदस्ती काम दे रहा है और बिना बात काम के बोझ से लाद रहा है तो ऐसी चीजों को हल्के में न लें। परिस्थिति का मुकाबला करें। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको किसी तरह की शारीरिक लड़ाई लडऩी है, बल्कि हर किसी को यह जताना है कि आपका शोषण नहीं किया जा सकता।







