लालबहादुर शास्त्री जी का जन्म दिन 2 अक्टूबर 1904 विशेष:
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की 2 अक्टूबर को 116वीं जयंती है। अपनी सादगी के लिए मशहूर लाल बहादुर शास्त्री को कुशल नेतृत्व और जनकल्याणकारी विचारों के लिए हमेशा याद किया जाता है। इस बात में कोई शक नहीं है कि इनके जैसे सादगी वाला अभी तक देश में कोई भी दूसरा प्रधानमंत्री नहीं हुआ। 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में जन्मे शास्त्री जी का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। साल 1920 में महज 16 साल की उम्र में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में भाग लेते हुए लाल बहादुर शास्त्री भारत की आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए।
उनकी सादगी के सम्बन्ध में एक संस्मरण है -कहा था कि “मैं रेलवे में नौकरी करता हूं”। वह एक बार किसी कार्यक्रम में आए थे जब उनकी मां भी वहां पूछते पूछते पहुंची कि मेरा बेटा भी आया है, वह भी रेलवे में है। लोगों ने पूछा क्या नाम है जब उन्होंने नाम बताया तो सब चौंक गए ” बोले यह झूठ बोल रही है”। पर वह बोली, “नहीं वह आए हैं”।
लोगों ने उन्हें लाल बहादुर शास्त्री जी के सामने ले जाकर पूछा,” क्या वही है?” तो मां बोली “हां वह मेरा बेटा है” लोग मंत्री जी से दिखाकर बोले “क्या वह आपकी मां है” तब शास्त्री जी ने अपनी मां को बुलाकर अपने पास बिठाया और कुछ देर बाद घर भेज दिया।
तो पत्रकारों ने पूछा “आपने उनके सामने भाषण क्यों नहीं दिया” इस पर वह बोले-मेरी मां को नहीं पता कि मैं मंत्री हूं। अगर उन्हें पता चल जाए तो वह लोगों की सिफारिश करने लगेगी और मैं मना भी नहीं कर पाऊंगा। और उन्हें अहंकार भी हो जाएगा। जवाब सुनकर सब सन्न रह गए। “कहां गए वो निस्वार्थी सच्चे, ईमानदार लोग” हम सदैव पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लालबहादुर शास्त्री जी को अपना आदर्श मानकर कार्य करते रहेंगे”।







