मुंबई, 05 दिसंबर, 2019: मुंबई में भाजपा से रिश्ते टूटने के बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साथ मिल कर काम करने की पेशकश किये जाने का शरद पवार द्वारा किए गए खुलासे के कुछ दिनों बाद शिवसेना ने हैरानी जताते हुए सवाल किया है कि राकांपा प्रमुख की उपयोगिता एवं अनुभव को समझने में भाजपा को पांच साल क्यों लग गए।
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में बुधवार को प्रकाशित एक संपादकीय में यह सवाल किया गया है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से भाजपा क्या लाभ उठाने की कोशिश कर रही थी, जबकि (एनसीपी) को भगवा पार्टी के नेताओं ने नेचुरली करप्ट पार्टी (स्वभाविक रूप से भ्रष्ट पार्टी) कह कर संबोधित किया था। इसमें कहा गया है, खास बात है यह कि पवार की पार्टी से 54 विधायकों के चुने जाने के बाद उनके (पवार के) अनुभव से (भाजपा को) साक्षात्कार हुआ।
संपादकीय में कहा गया है, भाजपा की सभी कोशिशें सिर्फ शिवसेना को सत्ता में आने से रोकने के लिये थी। हालांकि, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सत्ता हासिल करने की भाजपा की योजना नाकाम कर दी। ‘सामना’ में भाजपा को यह भी चेतावनी दी गई है, ये महाराष्ट्र है। फिर से पांव फिसला तो गिर पड़ोगे।







