बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में मातृभाषा दिवस समारोह की पूर्व संध्या पर हुआ कार्यक्रम
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में गुरुवार को ‘मातृभाषा दिवस समारोह की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विवि के पर्यावरण विज्ञान विद्यापीठ के सभागार में हुआ। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में प्रोफेसर अरविंद कुमार झा, डीन, स्कूल ऑफ़ लैंग्वेज एंड लिटरेचर ने मैथली को अपनी मातृभाषा बताते हुए कहा कि मां से मातृभाषा को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि मां से पहला संवाद एक बच्चा ध्वनि के माध्यम से करता है, वह बोली, भाषा के ज्ञान की सीमाओं से परे होता है। संसार में हमारे अस्तित्व के पहचान के रूप में सिर्फ ध्वनि उपस्थित है।
उन्होंने कहा कि मातृभाषा का संबंध सीधा आपकी मां से है, जिस प्रकार बच्चा अपनी मां के पास सबसे सहज महसूस करता है। उसी प्रकार की सहजता हमें अपनी मातृभाषा को बोलते वक्त मिलती है। उन्होंने मातृभाषा दिवस की जगह मातृभाषा उत्सव मनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मातृभाषा को चिंतन की भाषा बनाने के लिए हमें उसको ज्ञान से जोड़ना होगा। हमें शिक्षण संस्थानों में मातृभाषा में बोलने, लिखने और पढ़ने की स्वीकृति देनी चाहिए तभी हम इसकी रक्षा कर सकते हैं।
डॉ. शिव शंकर यादव ने समारोह की विषयवस्तु ‘मौलिक चिंतन और मातृभाषा’ पर चर्चा करते हुए बताया कि मौलिक चिंतन के संदर्भ में मातृभाषा का विशेष महत्व है। हम मातृभाषा में अपने विचारों को ज़्यादा बेहतर ढंग से व्यक्त कर पाते हैं।
प्रो. शिल्पी वर्मा ने बताया कि हमारे विवि में वर्ष 2017 से मातृभाषा दिवस समारोह मनाया जा रहा है। इस प्रकार के आयोजनों में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका मिलता है, जिससे हमें उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं का पता चलता है और साथ ही विद्यार्थियों में भी आत्मविश्वास बढ़ता है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के अंत में डॉ. नमिता जैसल ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों और प्रतिभागियों का कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई, जिसमें सबसे पहले ‘राष्ट्र निर्माण में मातृभाषा की भूमिका’ विषय पर वाद विवाद प्रतियोगिता हुई। प्रतियोगिता में छात्र दिलीप, स्वप्निल, अनुपमा, अक्षय, भुवन भास्कर, ईशु, गुलशन कुमार, आलोक, सदफ़, अभिषेक, नीरज, मणि, अनुराग शर्मा और चतुर्भुज मौर्य ने हिस्सा लिया। इसके बाद निबंध लेखन प्रतियोगिता में लगभग 70 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में आगे नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में राजनीति विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों और हिंदी विभाग के विद्यार्थियों ने मातृभाषा से संबंधित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके बाद अंत में स्वरचित कविता पाठ आयोजित की गई। इसके बाद कार्यक्रम के समापन सत्र में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आरपी सिंह, डीन, एकेडमिक अफेयर्स, डॉ सर्वेश सिंह, डॉक्टर शिव शंकर यादव मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया जिसमें नुक्कड़ नाटक में पहले स्थान पर राजनीति विज्ञान विभाग के छात्रों और दूसरे स्थान पर हिंदी विभाग के छात्रों ने जगह बनाई। वाद विवाद प्रतियोगिता में पहले स्थान पर गुलशन कुमार और दूसरे स्थान पर अनुपमा रही। स्वरचित कविता पाठ में प्रथम स्थान पर अनुपमा और सोनम तोमर रही, द्वितीय स्थान पर अभिषेक और शालिनी, तृतीय स्थान छात्र अरुण को प्राप्त हुआ। निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा हिंदी विभाग द्वारा शीघ्र की जाएगी।







