।। सा भार्या या शुचिर्दक्षा सा भार्या या पतिव्रता। सा भार्या या पतिप्रीता सा भार्या या सत्यवादिनी।।
आदर्श पत्नी के चार गुणों का वर्णन करते हुए आचार्य चाणक्य ने लिखा है कि जो मन, वचन और कर्म से पवित्र है तथा अपने शरीर और अन्तःकरण से शुद्ध है, जिसके आचार-विचार स्वच्छ हैं, जो गृहकार्यों में निपुण है, जो मन, वचन और कर्म से पति में पूर्णतः अनुरक्त है तथा पति को प्रसन्न करना ही अपना कर्तव्य-कर्म मानती है तथा जो सदा सत्य भाषण ही करती है, उपहास में भी मिथ्या वचन नहीं बोलती, ऐसी पत्नी को पाकर पति सचमुच कृतकृत्य हो जाता है।







