लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने गोरखपुर जाकर वहां मेडिकल कालेज में हुई मासूम बच्चों की मौत के कारणों की जानकारी ली और मृत बच्चों के परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना भी दी। श्री यादव ने मृत बच्चों के परिवारीजनों को 20-20 लाख रूपए की मदद दिए जाने और दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की भी मांग की। श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की जांच का कोई भरोसा नहीं है। घटना की निष्पक्ष जांच जांच हो। इस घटना की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। मासूमों की मौत पर राजनीति न हो।
श्री यादव गोरखपुर में मेडिकल कालेज में मृत बच्चों के तीन शोक संतप्त परिवारों के घर गए और उन्हें सांत्वना दी। गोरखपुर ग्रामीण के गांव बागागढ़ा थाना बेलीपार में ब्रम्हदेव यादव और संतोष गोंड तथा खोराबार थानान्तर्गत गांव बेलवार में किशुन गुप्ता के पर जाकर पूर्व मुख्यमंत्री जी ने उनके प्रति संवेदना जताई।
श्री अखिलेश यादव वस्तुतः गोरखपुर मेडिकल कालेज में बच्चों की मौत की घटना के दिन 10 व 11 अगस्त से ही विचलित थे और उन्होंने 12 अगस्त 2017 को जांच के लिए समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष श्री रामगोविंद चौधरी को एक प्रतिनिधि मण्डल के साथ तुरन्त घटना स्थल को रवाना कर दिया था।
गोरखपुर में मेडिकल कालेज की घटना के सम्बंध में भाजपा सरकार का रवैया बहुत असंवेदनशील रहा है। इस दुःखद घटना पर राज्य सरकार और उसके मंत्री बराबर बयान बदल रहे हैं। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्य सरकार का काम जनता की समस्याएं दूर करना है पर यहां तो भाजपा सरकार अपने आचरण से समस्याओं को और ज्यादा उलझा रही है। उसके व्यवहार से ऐसा नहीं लगता कि उसे मासूम बच्चों की मौत की तनिक भी चिंता है।
भाजपा सरकार जनहित पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। बच्चों की मौतों को लेकर भाजपा नेताओं ने जिस तरह राजनीति का नंगा नाच किया है वह बेहद दुःखद है। गोरखपुर में श्री अखिलेश यादव ने केन्द्र सरकार को एम्स के लिए जमींन दी थी। हेल्थ इन्फार्मेशन सिस्टम की जो व्यवस्था समाजवादी सरकार ने की थाी उसे भाजपा सरकार ने क्यों बंद कर दिया ? समाजवादी सरकार ने चिकित्सा सुविधा का जो ढंाचा तैयार किया था उसे भाजपा सरकार ने चार माह में ही तहस नहस कर कर दिया। मेडिकल कालेज में अभी भी अव्यवस्था है। सही उपचार के अभाव में परिजन परेशान हाल घूम रहे हैं। वे बेहद क्षुब्ध हैं।
विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों और समाजवादी युवा कार्यकरताओं द्वारा लखनऊ और इलाहाबाद में आक्सीजन की सुचारू आपर्ति हेतु भीख मांगकर पैसे इकट्ठे किया जाना सरकार के लिए बेहद शर्मनाक है।







