संक्रमित युवक ने परिजनों संग खेतों मेंं की फसलों की कटाई
मीरजापुर, 05 अप्रैल 2020: कोरोना वायरस संक्रमण पाजिटिव होने की रिपोर्ट आने से पहले ही गांव लौटा युवक कोरोना बम बनकर इलाके मे बेखौफ घूमता रहा। इलाके के लोगों के पूछने पर निजामुद्दीन के मरकज स्थित तबलीगी जमात में शिरकत करने की बात से इंकार करता रहा। ग्रामीणों के संदेह को मिटाने के लिए परिजनों को साथ लेकर खेतों मे कटाई तक का काम किया। ग्रामीण युवक को क्वॉरेंटीन कराने की मांग प्रशासन से करते रहे परंतु प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई।
शनिवार को जब युवक की जांच रिपोर्ट आई और कोरोना पाजिटिव निकला तो सभी के हाथ-पांव फूल गये। संक्रमण के लक्षण नजर आने लगे तो ग्रामीणों ने जमकर हल्ला मचाया। बुधवार की रात पुलिस बल के साथ एसडीएम चुनार उसके घर धमके और सख्ती की तो युवक के तबलीगी जमात मे शिरकत करने की बात का खुलासा हुआ। मामले की जानकारी होते ही प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में तत्काल युवक को जिला चिकित्सालय भेज कर क्वॉरेंटाइन किया गया तो शनिवार की सुबह युवक कोरोना संक्रमित निकला। शनिवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने चेता तो संक्रमित गांव में पहुंचकर डीडीटी का छिड़काव कराया गया और परिजनों को भी क्वॉरेंटीन में भेजा गया है।
घर लौटने के बाद बनारस के मदनपुरा स्थित बड़ी मस्जिद में छुपकर रहता रहा। तीन दिन बाद वाराणसी पुलिस की सख्ती के बाद बचता-बचाता अदलहाट थाना क्षेत्र के गरौड़ी स्थित मस्जिद में शरण ली तथा चार दिनों तक वहीं पड़ा रहा। इस दौरान उसने मस्जिद में नमाजियों संग नमाज अता की है।
शनिवार को कोरोना पाजिटिव की खबर मिलते ही इलाके के लोगों में भय और खौफ का माहौल कायम हो गया। ग्रामीण अपने घरों में बंद हो गए। प्रशासन की ओर से एसडीएम चुनार जंगबहादुर यादव, क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन हितेंद्र कृष्ण, के अलावा सीएमओ डा. ओ पी तिवारी, अजय सिंह, मेडिकल स्टाफ की टीम व थानाध्यक्ष अहरौरा राजेश चैबे सहित पुलिस बल के साथ शनिवार को गांव में पहुंचे। परिवार के आठ सदस्यों को एंबुलेंस से क्वॉरेंटीन के लिए भेजा तथा गांव में डीडीटी का छिड़काव करा कर सीमाएं सील कर दी गई परंतु गांव में भय और खौफ का माहौल कायम है।
सीडीआर के खौफ से कुबूली मरकज के तबलीग जमात में शिरकत की बात:
पुलिस बार-बार युवक के घर जाकर पड़ताल करती रही परंतु युवक एक पेशेवर की तरह हर बार अपना बयान बदलता रहा। धर्म प्रचारक होने के बावजूद उसके बयान हमेशा संदिग्ध रहे। लिहाजा पुलिस ने युवक का कॉल डिटेल निकलवाया तथा सीडीआर के बिना पर युवक को धमकाया तो उसने निजामुद्दीन के मरकज जाने और तबलीगी जमात मे शिरकत करने की बात कबूल की।
संक्रमित गांव में घुसने के सभी तीन रास्ते सील:
कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो जाने के बाद युवक के गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने गांव में घुसने के तीनों रास्ते सील कर दिए है। बताया गया कि आधवार रोड पर तथा लालपुर की ओर से आने वाले मार्ग के अलावा एक अन्य पहाड़ी मार्ग को भी बंद कर दिया गया है। अब इस गांव में आने-जाने और घुसने के सारे रास्ते बंद हैं।
कटी हुई गेहूँ की फसल पर भी संक्रमण का खतरा:
कोरोना संक्रमित युवक निजामुद्दीन से लौटने के बाद घर पहुंचा तो ग्रामीण खौफजदा हो गए। गांव में वह जिधर भी जाता तो उधर से लोग हट बढ़ जाते रहे। खेती का काम भी अधूरा पड़ा होने के चलते वह परिजनों के साथ खेतों में उतर गया तथा गेहूं की फसल की कटाई करने लगा। इस दौरान लगभग डेढ़ बीघा खेत में बोई गई गेहूं के फसल की कटाई कर उसको घर में रखा गया है। गेहूं के फसल में भी कोरोना के संक्रमण का खतरा माना जा रहा है।
बनारसी साड़ी बुनाई का करता है कारोबार:
धर्म के प्रचार-प्रसार में जुटने से पूर्व युवक बनारस से साड़ी बुनाई और बुनकारी का काम करता और कराता रहा है। गांव के कई घरों में महिलाएं आज भी उसके साड़ी की बुनकरी करती हैं। धर्म प्रचार के दौरान वह इस धंधे को भी करता रहा है। इसी बहाने संक्रमित युवक का गांव के कई घरों में आना-जाना भी बराबर बना रहा। मरकज से लौटने के बाद भी उसके कई घरों में जाकर साड़ी के लेने और देने की बात प्रकाश में आई है, हालांकि पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।






