वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व बिजली दर पर 10 व 13 अगस्त को वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली सार्वजनिक सुनवाई अब 8 व 10 सितम्बर को होगी
लखनऊ, 07 अगस्त, 2020: वर्ष 2020-21 की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व बिजली दर पर होने वाली सार्वजानिक सुनवाई जो विद्युत नियामक आयोग आयोग द्वारा 10 व 13 अगस्त को वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होनी थी अब वह 8 सितम्बर व 10 सितम्बर 2020 को वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही होगी।
बता दें कि उपभोक्ता परिषद ने कल विद्युत नियामक आयोग में एक जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर सुनवाई की तारीख को 25 दिन आगे बढ़ाने की मांग की थी इसके अलावा और भी कुछ उपभोक्ता प्रतिनिधियो ने भी सुनवाई आगे बढ़ाने की मांग की थी। अंतत: आयोग चेयरमैन आरपी सिंह ने सुनवाई कि तारीख को आगे बढ़ा दिया है।
कम से कम 25 दिन का समय दिया जाए: उपभोक्ता परिषद
इस बारे में उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेष कुमार वर्मा ने एक प्रेसनोट जारी कर कहा कि जो सुनवाई 10 अगस्त को होनी है उसकी तारीख को आगे बढ़ाने पर विचार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस कोरोना काल में प्रदेश में उपभोक्ताओ के बीच समाचारपत्रों के माध्यम से जो आकड़े प्रकाशित कराये गये है और उस पर उन्हे आपतिया दाखिल करना है। वह ज्यादातर जनता के बीच सन्देश पहुंच गया हो यह सोचनीय है और बिजली कम्पनियो ने आलएडिशन सम्भवता विज्ञापन भी नहीं छपवाया ऐसे में उपभोक्ताओ को थोड़ा समय और मिलना जरूरी है, ऐसे में उपभोक्ताओ को कम से कम 25 दिन का समय दिया जाय। उन्होंने कहा कि वैसे भी समाचार पत्रो में जहा भी विज्ञापन प्रकाशित हुआ है वहा 31 अगस्त को हुआ और 15 दिन में आपतिया मांगी गयी।
उन्होंने कहा कि हम उपभोक्ता जो अपनी आपत्तियां तैयार करते है उसे ही सुनवाई में रखते है ऐसे में 15 दिन के पहले सुनवाई शुरू होना उचित नहीं है । ऐसे में जनहित में सुनवाई की तिथि को आयोग आगे बढ़ाने पर विचार कर ले तो उचित रहेगा और उपभोक्ता भी अपनी आपत्तियां और सुझाव अच्छे से दे सकेंगे। फिलहाल आयोग ने उनकी मांग मान ली और सुनवाई कि तारीख को आगे बढ़ा दिया है।







