परिषद ऊर्जामंत्रियों के वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग में खुलासा: अनेकों राज्य निजीकरण के खिलाफ फिर भी केन्द्रीय उर्जामंत्रालय निजीकरण के पक्ष में
विद्दुत अधनियम 2003 में संसोधनो के अनेको बिन्दुओ पर जुलाई में केंद्रीय ऊर्जामंत्री की अध्यक्षता में राज्यों के ऊर्जामंत्रियो की वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग में लिए गये निर्णय की मिनट ऑफ मीटिंग 2 दिन पहले केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा पब्लिक डोमेन में डाला गया है उसमे दर्ज है निजीकरण व फ्रेंचीजीकरण के मुद्दे पर अनेको राज्यों द्वारा विरोध किया गया है लेकिन केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा निजीकरण की वकालत करते हुए उसे उपभोक्ता हित में बताना और फ्रेंचीजीकरण को सफल बताना पूरी तरह उपभोक्ता विरोधी जनहित के खिलाफ है केंद्र सरकार द्वारा अनुदान व ऋण देने के नाम पर ऊर्जा क्षेत्रो पर निजीकरण थोपना निजीघरानो को लाभ देने वाला फैसला है । प्रदेश में निजीकरण के दोनों प्रयोग नोएडा पावर कंपनी व टोरेंट पावर पूरी तरह फैल है उपभोक्ता परिषद् की मांग पर प्रदेश के ऊर्जामंत्री के निर्देश पर पावर कार्पोरेशन के प्रवन्ध निदेशक द्वारा टोरेंट पावर व नोएडा पावर कंपनी की जाँच हेतु निदेशक वाणिजय की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी मार्च 2020 में बनी थी जिस पर आज तक रिपोर्ट सामने नहीं आयी जाँच अधर में लटकी रहे उसको भी दबाने में निजीघरानी लगे है ऐसे में निजीकरण की वकालत करना जनता के साथ बड़ा देखा है ।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने ने कहा निजी घरानो का हाल यह है की स्मार्ट मीटर बत्ती गुल की रिपोर्ट आज तक नहीं आ पायी। निजीघरानो को बचiने के लिए कौन लोग लगे है अभी तक मीटर निर्माता कंपनी एलएनटी सहित एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि0 ( ईईएसएल ) पर कार्यवाही न होना चैकाने वाला बड़ा सवाल है निजीकरण का हाल है की स्मार्ट मीटर बत्ती गुल होने के तुरंत बाद मामले को दबाने के लिए ईईएसएल द्वारा बयानं जारी किया गया की एक गलत कमांड के चलते ऐसा हुवा लेकिन आज 20 दिन होने को है कोई खुलाशा नहीं हुवा की ऐसा क्यों हुवा था कौन इसके लिए दोषी है स्मार्ट मीटर भार जंपिंग सबके सामने है रिपोर्ट तक दबा दी गयी लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं यह है निजीघरानो की ताकत उनको बचाने में उच्चाधिकारी क्यों लग जाते है आज तक यह बड़ा रहस्य है क्या भरस्टाचार पर यही जीरो टॉलरेंस की नीति है केवल बिजली दर बढ़ोतरी करके ही ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की बात होगी यह सब जनता देख रही उपभोक्ता परिषद् सबकी पोल खोलेगा ।







