उपभोक्ता परिषद् ने उठाया सवाल स्मार्ट मीटर निर्माता कम्पनियो जीनस आईटीआई जेन को क्यों बचाने की की जा रही है साजिश ?
लखनऊ 6 सितम्बर 2020: स्मार्ट मीटर डिसकनेक्ट मामले में अनंता 20 दिन बाद एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि0 ( ईईएसएल ) को पावर कारपोरशन द्वारा कारण बताओ नोटिश जारी किया गया है पावर कार्पोरेशन ने बिजली कम्पनियो द्वारा किए गये कॉन्ट्रैक्ट एग्रीमेंट की धारा 6.1 के तहत नोटिश जारी किया गया। पावर कारपोरशन द्वारा जारी नोटिस में ईईएसएल के ऊपर कई गंभीर आरोप लगाते हुए अपने पूर्व पत्राचार का हवाला देते हुए अनेको आरोप लगाये गये है जिसमे मास्टर डाटा मैनेजमेंट (एमडीएम ) पर स्लो वर्क का आरोप लगाते हुए कहा गया है की स्मार्ट मीटर में जो वोडा मोबाइल कंपनी का सिम लगा है वह भी अनेको इलाकों में सही से काम नहीं कर रहा जो असंतोष जनक कार्यवाही को दर्शाता है आज भी हजारो उपभोक्ताओ के बिल पेंडिंग है ईईएसएल द्वारा समश्याओ का निस्तारण बहुत ही निराशा जनक है मीटर रीडिंग का टारगेट 98 प्रतिशत है लेकिन अभी केवल 95 प्रतिशत रीडिंग हो रही मीटर बंद होने के बाद कमांड देने पर भी लम्बे समय तक बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर उपभोक्ता जिनकी बिजली बाधित हुई थी नहीं चालू हुई नोटिश में नियामक आयोग आर्डर को भी दर्शाया गया है बड़े पैमाने पर ईईएसएल की तकनीकी कमिया उजागर की गयी है नोटिश में यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग को भी सफलता पूर्वक न कराना नियमो का उलघन मान गया है ।
इस मामले में उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. ( ईईएसएल ) को पावर कार्पोरेशन द्वारा भेजे गये कारण बताओ नोटिश में स्मार्ट मीटर लगा रही मीटर निर्माता कम्पनियो जीनस आईटीआई जेन के बारे में कुछ न कहना एक बड़ा सवाल उठा रहा जबकि स्मार्ट मीटर भार जंपिंग का मामला और सीपीआरआई में जाँच कराई गयी मीटर के खिलाफ दबाई गयी रिपोर्ट अपने आप में बड़ा सवाल है, ईईएसएल द्वारा ही मीटर खरीद कर लगवाए जा रहे ऐसे में जब वोडाफोन के अनेको इलाकों में न काम करने को नोटिस में आधार बनाया गया तो मीटर निर्माता कम्पनियो को बचाने की साजिश कौन कर रहा यह अपने आप में बड़ा सवाल है जब नोटिश में पुराने पत्राचारों को आधार बनाया गया तो स्मार्ट मीटर जंपिंग को आधार क्यों नहीं बनाया गया अपने आप बड़ा सवाल उठा रहा ।







