World Vision Day: 8 October Special
हमारे देश में नेत्र दान व कोर्निया प्रत्यारोपण के दान करने वाले लोगों की संख्या एक फीसदी से भी कम हैं। देश में लाखों लोग दृष्टिहीनता के शिकार हैं। भारत में प्रति वर्ष 80 से 90 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है वहीं पर यदि हम नेत्र दान करने वालों की संख्या की बात करें तो यह मात्र 25 हजार के आसपास है। देश के झारखण्ड राज्य के बोकारो संथाली जिले में एक जनरल अस्पताल में नेत्र बैंक है जो वर्ष 2013 से संचालित हो रहा है। इसी तरह अब देश के कुछ बड़े राज्यों में आई बैंक बनने लगे हैं। जहां जागरूक लोग अपने लोगों को खोने के बाद उनकी आँखे दान कर देते हैं, इसमें विशेषतया दिल्ली मुंबई, बैंग्लोर और यूपी का लखनऊ शहर भी अब इसी कड़ी में गिना जाने लगा है।
नेत्र रोग विशेष्यज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दृष्टि दिवस पहली बार “लायंस क्लब इंटरनेशनल फाउंडेशन” द्वारा वर्ष 2000 में दृष्टि दिवस के रूप में प्रथम बार मनाना प्रारम्भ किया था। इस दिन को दृष्टि हानि, अंधापन व अन्य दृष्टि संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों के मध्य जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है। दृष्टि दिवस को एक दान दिवस की तरह मनाया जाना चाहिए। लोगों को दृष्टि दान करने के लिए प्रोत्साहित अवश्य किया जाना चाहिये। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आंखों को कैसे बचाना है इस बात को विशेषकर बच्चों को जरूर जानकारी दें। विशाल स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए वैश्विक स्तर पर दृष्टि दिवस एक उत्सव के रूप में आयोजित किया जाता है। हमारे बच्चों के बीच विटामिन ‘ए’ से संबंधित खाद्य पदार्थों का वितरण एवं जानकारियां दिया जाना चाहिए।
स्वस्थ आंखों के लिए सुझाव यह है कि हम सूरज की हानिकारक पाराबैंगनी किरणों से अपनी आंखों को सुरक्षा देने के लिए चश्मा पहनें और नित दिन के आहार में अधिक से अधिक हरी साग-सब्जियों को शामिल करें।
वहीं धूम्रपान से बचे कियूंकि इससे ऑप्टिक तंत्रिका क्षतिग्रस्त होने से मोतियाबिंद व धब्बेदार पतन जैसी बीमारियों के खतरा उत्पन्न हो जाता है।
कंप्यूटर पर काम करते समय प्रत्येक 20 मिनट के अंतराल पर आंखों को 20 सेकेंड का आराम अवश्य दें। अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ कर ही आंखों को छुयें।
आंखे हम इंनसानो के लिए एक अनमोल रत्न के समान है जिसकी भलीभांति सुरक्षा एवं देखभाल हमे अवश्य करना चाहिये। -प्रस्तुति: जी के चक्रवर्ती







