लखनऊ, 26 अक्टूबर 2020: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि प्रदेश में व्याप्त महंगाई से आम जनता कराह रही है, उसका जीना मुहाल हो गया है। रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल साग-सब्जी और दलहन में 30-40 फीसदी का उछाल आया है। कोरोना काल के चलते जहाँ सरकारी नौकरी कर रहे और पेंशन धारको को छोड़ कर समाज का लगभग हर तबका भयंकर आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है, एक-एक पैसे जुटाने उस पर भारी पड़ रहे हैं ऐसे में आम आदमी की जरुरत की हर चीजों के दाम सरकार के गलत फैंसलो के चलते आसमान छू रहे है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने अभी जो 3 नए कानून बनाये है, वो पूरी तरह से पूंजीपतियों और बिचैलियों को फायदा पहुँचाने के लिए बनवाए गए हैं उसका सीधा असर आम जनता पर पड़ना शुरू हो गया है। आवश्यक वस्तु अधिनियम की सूची से खाद्य पदार्थ और अनाज, तेल, दलहन, आलू-प्याज जैसी आवश्यक जरुरत की वस्तुओं की काला बाजारी शुरू हो गयी है। परिणाम स्वरुप इन वस्तुओं के दाम आसमान छूने लगे हैं और आम आदमी की पहुँच से बाहर हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सारी दालें 100 रुपए से ऊपर 120 से 150 रु. में बिक रही हैं। खाद्य तेल के दाम भी आम आदमी की पहुँच से बाहर और पहले के मुकाबले 30 से 50 रु. अधिक है। प्याज 80 से 100 रु किलो की दर से मिला रहा है। आलू 40 से 45 रु. प्रति किलो और नया आलू 60 रूपये किलो की दर से मिल रहा है। जबकि सरकार ने खुद स्वीकार किया था की किसानों से आलू 475 रूपये क्विंटल खरीदा गया था। बाकी पैसा सरकार समर्थक बिचैलिये आम आदमी से मुनाफाखोरी के रूप वसूल रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह महंगाई सरकार जनित है। कोरोना महामारी के चलते जहाँ आम जानता आर्थिक रूप से टूटी हुयी है, एक एक पैसे जोड़ कर जैसे-तैसे घर चला रहा है ऐसे में सरकार जनित कमर तोड़ महंगाई जिसमे पूंजीपतियों और धन्नासेठो को आवश्यक वस्तुओं का कानून बना कर जमाखोरी करने और जानता को लूटने की खुली छूट दी हुयी है।







