वैसे हिन्दू धर्म के मतानुसार प्रत्येक वर्ष नववर्ष मनाने का सिलसिला नवरात्रि के साथ ही हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत हो जाती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र माह की प्रतिपदा यानी कि पहले दिन हिन्दू धर्म के लोगों में नव वर्ष मनाया जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार हिन्दू नव वर्ष मार्च-अप्रैल के महीने से प्रारम्भ होता है। इसे विक्रम संवत या नव संवत्सर कहा जाता है। विक्रमी संवत के उद्भव को लेकर विद्वानों का एकमत नही हैं लेकिन अधितर विद्वान 57 ईसवीं पूर्व नववर्ष मनाने की परिपार्टीयों को इसकी शुरुआत मानते हैं।
आज कल हम जो नवर्ष मानते हैं वह ईसा कलेंडर के अनुसार प्रत्येक वर्ष के प्रथम माह यानिकि जनवरी माह के पहली तारीख को नववर्ष के रूप में मानते हैं।
वैसे हम कहे तो नववर्ष एक उत्सव की तरह सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है और इसे अलग-अलग देशों में अलग-अलग तिथियों एवं अलग-अलग विधियों से मनाया जाता है। यही नही विभिन्न सम्प्रदायों में नव वर्ष समारोह भिन्न-भिन्न होते हैं और इसके महत्त्व भी विभिन्न सम्प्रदाओं एवं संस्कृतियों में परस्पर भिन्नता देखने को मिलती है।
हमारे देश में 1 जनवरी 2021 का आगमन हो चुका है नववर्ष विगत वर्ष की शुरुआती दौर में हमे कोरोना महामारी के रूप में ह्रदयविदारक तो रहा ही है इसके साथ ही तमामों हादसों के बीच वर्ष 2020 के कडुवे अहसासों के साथ आज 31 दिसंबर को 2020 का सूर्य अस्त हो गया है तो नए उमंगों और उम्मीद की नै रौशनी के साथ नए वर्ष का मिलकर स्वागत करें। हैप्पी न्यू ईयर 2021
शगुन न्यूज़ इंडिया परिवार की ओर से आप सभी पाठकों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।
- जी.के. चक्रवर्ती







