लाख प्रयासों के बाद भी यूपी के पत्रकारों के बीच मतभेदों का तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा था। उ.प्र.राज्य मुख्यालय संवाददाता समिति के चुनाव के रास्ते में नई-नई रुकावटें एकता की कोशिशों के सामने बड़ी चुनौती बनी थीं। समिति की अखंडता के प्रयासों के हर तंबू को विवादों की आंधियों ने उखाड़ दिया था। इस दौरान लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार और टीवी चैनलों के जाने-पहचाने चेहरे प्रभात त्रिपाठी की भावुक अपील ने एक बार फिर एकता की उम्मीदों के एक नए प्रभात में आशा की किरण दिखाई है। प्रभात के आंसुओं ने मतभेदों, विवादों, गुटों, खेमों, और अलगाव की सरहदों को बहा दिया है।
प्रभात त्रिपाठी एक चुनाव और एकता स्थापित करने की अपील के साथ एक वीडियो संदेश के जरिए यूपी के पत्रकारों से मुखातिब थे। इस बीच वो बेहद भावुक होकर अपने आंसू रोक नहीं पाए। इस दौरान उनका रक्तचाप भी बढ़ गया। हर दिल अज़ीज़ और अपने बेहद चहेते साथी प्रभात त्रिपाठी को इतना रंजीदा देख कई पत्रकार भी इतना भावुक हो गए कि उनका भी ब्लेड प्रेशर हाई हो गया। इस वायरल वीडियो की डिलीट करने का फैसला करना पड़ा।
उन्होने अपने वीडियो संदेश मे कहा कि पत्रकारों में एकता स्थापित हो ये उनकी अंतिम इच्छा है। बंटवारा ना हो, सरहदें ना खिचें और जल्द ही एक चुनाव हो इस कोशिश की कार्ययोजना तैयार करने के लिए उन्होंने कुछ प्रतिष्ठित पत्रकारों को चाय पर आमंत्रित किया है। – एजेंसी







