लखनऊ। आगामी मानसून सत्र से पहले सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर एक बार फिर तेज हलचल शुरू हो गई है। ‘करोड़ों मजदूरों, शोषितों और वंचितों के सेवक’ जॉय बनर्जी ने सरकार को सीधा संदेश देते हुए मांग की है कि इस सत्र में OPS को तुरंत बहाल किया जाए।
“सांसद-विधायक जीवनभर पेंशन, कर्मचारी क्यों बिना लाठी?”
जॉय बनर्जी ने बेहद कड़े शब्दों में राजनीतिक वर्ग के दोहरे मापदंडों पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “जब एक बार सांसद या विधायक बन जाने पर आजीवन पेंशन मिल सकती है, तो 30-30 साल देश की सेवा करने वाले कर्मचारियों से उनका बुढ़ापे का सहारा क्यों छीना जा रहा है? यह कैसा न्याय है?”
मुख्य मांगें
- मानसून सत्र में OPS को बहाल करने का ऐतिहासिक फैसला लिया जाए।
- सांसदों और विधायकों की पेंशन व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
- शेयर बाजार पर निर्भर नई पेंशन योजना (NPS) को रद्द कर गारंटीड पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पूरे देश में लागू किया जाए।
जॉय बनर्जी ने इसे केवल पेंशन की मांग नहीं, बल्कि कर्मचारियों के मान-सम्मान की लड़ाई बताया। उन्होंने देश के करोड़ों सरकारी कर्मचारियों, मजदूरों और वंचितों का आह्वान करते हुए कहा कि अब चुप रहने का समय खत्म हो चुका है। अगर सरकार इस सत्र में न्याय नहीं करती, तो कर्मचारी और मजदूर मैदान में उतरेंगे।
जॉय बनर्जी का नारा:
“जनता की आवाज सुनो, कर्मचारियों से न्याय करो! जल्द से जल्द OPS बहाल करो!”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब OPS को बहाल करने की मांग लंबे समय से विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। अब देखना होगा कि मानसून सत्र में सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।







