सबसे अलग सोचने और हमेशा ही कुछ बेहतर करने के जज़्बे वाली पब्लिक रिलेशन्स कंपनी पीआर 24×7 ने एक बार फिर से बेहतरी की परिभाषा का सृजन किया है, जो पूरी तरह निर्भर है बेहतर भविष्य और नए कल पर। कुछ नया सीखने की चाह में संस्था ने एक नई पहल की शुरुआत की है।
संस्था में कार्यरत सभी एम्प्लॉयीज़ के लिए प्रति शुक्रवार मंथन सीरीज़ का वर्चुअल आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी गेस्ट्स शिरकत करते हैं। मंथन एक ऐसी सीरीज़ है, जिसका उद्देश्य सभी एम्प्लॉयीज़ को हर एक क्षेत्र में महारत हासिल कराना है। काम हमेशा ऐसा करें, जिससे अन्य लोगों को जागरूक होने का अवसर प्राप्त हो, और उसकी गूँज लम्बे समय तक सभी के दिलो-दिमाग में बस जाए। तब जाकर ही वह कार्य वास्तव में सार्थक है। संस्था द्वारा संचालित किए जा रहे मंथन का लक्ष्य भी शत-प्रतिशत यही है, क्योंकि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
अतुल मलिकराम कहते हैं कि कंपनी में कार्यरत प्रत्येक एम्प्लॉयी को प्रत्येक क्षेत्र का भरपूर ज्ञान होना अति आवश्यक है, क्योंकि समय के पहिए के घूमने के पश्चात् किस गुण विशेष की मांग सबसे अधिक हो, कह नहीं सकते। इसलिए सभी एम्प्लॉयीज़ को हर गुण में निपुण करना संस्था अपना कर्तव्य समझती है, जिसका प्रतिपादन मंथन के माध्यम से किया जा रहा है। बेहतर कल के इस मंथन में अब तक 15 सेशंस किए जा चुके हैं, जिनमें सभी एम्प्लॉयीज़ ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और गेस्ट्स का दिल जीत लिया। इसके अंतर्गत पीआर से संबंधित मीडिया रिलेशन्स, कंटेंट, मीडिया मॉनिटरिंग, क्राइसिस मैनेजमेंट, प्रिंट तथा डिजिटल मीडिया आदि क्षेत्रों में बेहतरी से कार्य सीखने के साथ ही इस मुश्किल दौर में चिंतामुक्त रहने तथा वर्क फ्रॉम होम को प्रभावी ढंग से करने का हुनर, सेविंग्स तथा इंवेस्टमेंट्स, पर्सनालिटी को ग्रूम करने के बेहतर तरीकों से रूबरू कराया गया।
इन सेशंस में स्टेप लर्निंग के फाउंडर तथा लीडरशिप ट्रेनर- सानिल राव, केवीपी के सीनियर मैनेजर- अनिल जैन, एएसबी कम्युनिकेशन्स के मैनेजिंग डायरेक्टर- बृज किशोर, मिसेज़ सेंट्रल इंडिया रह चुकीं अर्चना प्रसाद, और ऐड फेक्टर पीआर के रिटायर्ड सीनियर वीपी अतुल तकले, कंसल्टेंट तथा ट्रेनर- मयंक बत्रा, हैप्पीनेस कोच- डॉक्टर जीतेन्द्र जैन जैसे महारथियों ने एम्प्लॉयीज़ को विभिन्न क्षेत्रों का भरपूर ज्ञान दिया।
एम्प्लॉयीज़ भी आने वाले सेशंस का बेसब्री से इंतजार करते हैं और अपने मन में उमड़ रहे सवालों को जिज्ञासापूर्वक और बेझिझक गेस्ट्स के सामने रखते हैं, जिनके बखूबी जवाब देकर सभी गेस्ट्स, एम्प्लॉयीज़ को संतुष्ट करते हैं। संस्था के अंतर्गत भविष्य में भी मंथन को सुचारु रूप से संचालित किया जाता रहेगा, जिससे कि सभी एम्प्लॉयीज़ लम्बे समय तक इससे लाभान्वित होते रहे।








2 Comments
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