बुंदेलखंड में भीड़ देख सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, जनता इस बार शून्य पर पहुंचा देगी भाजपा को
पूर्वांचल के बाद तीन दिन की बुंदेलखंड यात्रा के दौरान अखिलेश यादव की सभाओं में उमड़ी भीड़ से सपा नेता काफी खुश हैं। इस यात्रा में उमड़ी भीड़ से गदगद अखिलेश यादव ने यह घोषणा भी कर दी कि पिछली बार भाजपा को सभी सीटें देने वाला बुंदेलखंड इस बार उसे शून्य पर पहुंचा देगी लेकिन समाजवादी पार्टी के पुराने नेताओं की मानें तो अखिलेश यादव का यही अहम पार्टी के लिए नुकसान पहुंचा रहा है।
नाम न छापने की शर्त पर एक पुराने समाजवादी नेता ने बताया कि इस समय पार्टी में सहभागिता नहीं रह गयी है। इसका कारण पार्टी मुखिया का किसी पर भी विश्वास नहीं है। सबकुछ वे स्वयं करना चाहते हैं। उनके मन में हमेशा यह भी बना रहता है कि कहीं दूसरे को जिम्मेदारी देकर उसे आगे तो नहीं बढ़ा रहे हैं, जबकि मुलायम सिंह के जमाने में ऐसा नहीं था। वे हर कार्य में कार्यकर्ताओं से मशविरा करते थे। पुराने नेताओं की बातों को सुनते थे।
इसकी एक बानगी समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर भी दिखती है, जहां पर बिना अनुमति के भीतर नहीं जाने दिया जाता। यह तब स्थिति है, जबकि समाजवादी पार्टी विपक्ष में है, जबकि भाजपा कार्यालय पर आम आदमी बिना झिझक के टहलता रहता है। भाजपा कार्यालय पर जब तक जगह रहती, तब तक नेताओं की गाड़ियां कार्यालय में भीतर तक जाती हैं लेकिन समाजवादी पार्टी कार्यालय पर ऐसा नहीं है।

राजनीतिक विश्लेषक राजीव रंजन सिंह का कहना है कि समाजवादी पार्टी के प्रति रुझान तो बढ़ा है, लेकिन अखिलेश यादव का कार्यकर्ताओं के प्रति अविश्वास की भावना कब समाजवादी पार्टी को नीचे ले जाकर धकेल देगी, यह कहा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की बुनियाद कार्यकर्ताओं का मनोबल के बल पर रखी गयी, जब कार्यकर्ताओं के मनोबल को ही तोड़ दिया जाएगा तो फिर पार्टी अस्तित्व विहीन हो जाएगी।
वहीं, समाजवादी पार्टी के मीडिया प्रभारी राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि जनता की उमड़े स्नेह और विश्वास का नतीजा रहा कि समाजवादी विजय रथ से अखिलेश यादव को बांदा से महोबा पहुंचने में घंटों लग गए। जगह जगह लोगों ने भव्य और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। रथ यात्रा के साथ नौजवानों का रेला उमड़ पड़ा। बुंदेलखंड में किसी नेता के प्रति ऐसा प्यार और विश्वास पहले कभी नहीं दिखा। कई घंटे देरी से महोबा की जनसभा में पहुंचने के बाद भी भारी भीड़ अखिलेश यादव को देखने और सुनने का इंतजार कर रही थी। इससे सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि भाजपा का सफाया है और सपा आ रही है।







