Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, September 3
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Interview

    समाजवाद से दूर होगा साम्प्रदायिकता का अंधियारा: मनोज यादव

    ShagunBy ShagunJanuary 18, 2022Updated:January 21, 2022 Interview No Comments9 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    मनोज यादव, प्रदेश अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड, दिल्ली
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 743

    राहुल कुमार गुप्त

    वर्तमान दौर, उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र के महापर्व की तैयारियों का है। जहां सियासी दल पूरा जोर-शोर लगा रहे हैं वहीं जनता के बीच चुनावी रंग देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा भी चार अन्य राज्यों में भी विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर है। लेकिन देश की नजरें उत्तर प्रदेश के महापर्व पर है। वजह है यूपी दिल्ली को अकेले 80 सांसद देता है। जो केंद्र की सरकार बनाने में बड़ा रोल अदा करता है।

    हिंदुत्व के नाम पर बीजेपी में एक बड़ा चेहरा तत्कालीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है और इनको टक्कर देने के लिए विपक्ष के नेता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं। जहां बीजेपी ने हिंदुत्व और विकास को इस चुनाव में मुद्दा बनाया है वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनहित और विकास से संबंधित कई घोषणाएं कर रखी हैं।

    आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू है। इसी चुनावी चर्चा में हमारे विशेष संवाददाता राहुल कुमार गुप्त ने सपा मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव से बातचीत की।

    उनका मानना है कि देश में साम्प्रदायिकता रूपी अंधकार बढ़ रहा है जो समाजवाद की रोशनी से ही दूर हो सकता है। उत्तर प्रदेश की जनता इस बार मूलभूत सुविधाओं को लेकर अपना मत तैयार कर रही। महंगाई, स्वास्थ्य, रोज़गार, आरक्षण, पेंशन, बिजली फ्री, कानून व्यवस्था और किसान फैक्टर ही मुख्य मुद्दे होंगे। उन्होंने बताया वो और उनकी पूरी ईकाई उत्तर प्रदेश के चुनाव में अपनी पार्टी के लिए लोगों से मिलकर उन्हें जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। इस चुनावी चर्चा में युवा नेता मनोज यादव ने विस्तार से अपनी बातें रखीं हैं।

    उन्होंने समाजवाद के बारे में बताया :

    देश में आज भी कई ऐसी शख्सियत हैं जो गंगा-जमुनी तहजीब को एकसूत्र में पिरोने का कार्य करतीं हैं और ऐसी भी हस्तियां हैं जो साम्प्रदायिकता की आग में मानवता को दहन करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहती हैं। अभी हाल ही में धर्म संसदों से श्रेष्ठजनों द्वारा विद्वेष, नफरत और हिंसात्मक भाषा का प्रयोग अपने ही राष्ट्र के लोगों के लिए करना, बहुत ही खेदजनक है। ऐसी वारदातें अगर समय रहती न रोकी गयीं तो ऐसे में राष्ट्र की शांति और सौहार्द्र पर ग्रहण लग जायेगा। वोट की राजनीति से जरूर कुछ लोगों का हित हो जायेगा लेकिन देश में अशांति और भय का वातावरण पैदा हो जायेगा।

    अंधकार व प्रकाश का युद्ध तो आदिकाल से चला आया है और चलता रहेगा। किंतु यह युद्ध शांतिपूर्ण व आलौकिक है। अंधेरा खुद-ब-खुद उजाले (ज्ञान) की राह से हट जाता है। किंतु यह दुनिया ऐसी नहीं है यहां मानवता को जोड़ने वाले धर्म व मजहब के नाम से ही इसे हर क्षण तोड़ा जाता है। समाज में कई तरह की विभिन्नताएं वाजिब हैं किंतु मानव को मानव न समझने वाली विचारधाराएं समाज में केवल कुंठा व रक्त क्रांति पैदा करती हैं।

    हमारा समाज भी ऐसी ही कुंठित विचारधाराओं से ग्रसित है। सामंतवाद, पूँजीवाद, सम्प्रदायवाद, जातिवाद, वर्गवाद और न जाने ऐसे कितने वाद मानव को मानव से जोड़ने में अवरोधक का कार्य करते हैं। किंतु समाजवाद एक ऐसा शब्द है, ऐसी क्रांति है जिसमें मानव को मानव का दर्जा मिला है।

    मानवता के दुश्मन (सभी वाद) को जो समाप्त कर दे वह है समाजवाद! मानवों में विभिन्नताएं पूरे विश्व में थीं पर इतनी नहीं जितनी भारत में थी। समानता के लिए कई क्रांतियों ने जन्म लिया, कहीं हजारों साल लगे तो कहीं सैकड़ों साल। कहीं न कहीं रूसी क्रांति के जनक समाजवादी लेनिन की विचारधाराओं ने भारत में जड़वत असमानता की खांई को झकझोरा जरूर है।

    महात्मा गांधी, लालबहादुर शास्त्री, आचार्य नरेंद्र देव, जयप्रकाश नारायण, डा.राममनोहर लोहिया आदि कई महापुरुषों ने रामराज्य के लिए समाजवाद की आवश्यकता पर बल दिया है।
    यह इटावा के सैफई का भाग्य है या यूपी का! समाजवाद के इन पुरोधाओं के आदर्शों को लेकर एक नेता आमजन में नेताजी व धरतीपुत्र का उपमान बन गया।

    उत्तर प्रदेश में समाजवाद आने के बाद पहली बार खिले थे वंचितों और शोषितों के चेहरे, मिला था समानता का भाव

    नेताजी को नेता जी की यह उपलब्धि यूं ही नहीं मिल गयी। नेताजी की नीतियां, जमीनी कार्रवाई, कथनी और करनी में समानता, आमजन के दु:ख-दर्द का कारगर उपाय ही सपा संस्थापक को आमजन से अलग हटकर धरतीपुत्र की श्रेणी में लाता है।

    किसानों के मसीहा कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह तथा प्रखर समाजवादी नेताओं के आदर्शों को अमलीजामा पहनाकर मुलायम सिंह एक ऐसे नेता बन गये जिनमें सभी महापुरुषों के आदर्शों का संगम रहा है। भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाओं, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, शोषितों के हितों को समाजवाद की माला में पिरोने का कार्य मुलायम सिंह ने कर दिखाया। नेताजी ने सूबे के किसानों, व्यापारियों, छात्रों, शिक्षकों, पत्रकारों, बेटियों आदि सभी के हितों के लिए पहली बार 5 दिसम्बर 1989-91 को यूपी की सत्ता संभाली और आमजन के अपेक्षाओं में खरा भी उतरे।

    कई नीतियां लागू की गयीं। जन-जन में नेताजी छा गये। उपेक्षित महसूस कर रहे पिछड़े, शोषित, दलित, आमजन और मुस्लिम वर्ग को यूपी में समानता की रोशनी दिखने लगी।

    इसी रोशनी को जाज्वल्ययमान पर्वत सा बनाकर सभी ने मिलकर नेताजी को दोबारा 1993-95 में यूपी की सत्ता में बैठाया । साम्प्रदायिक तनाव से झुलस रही यूपी को नेताजी की सख्त जरूरत थी। क्योंकि समाज में समानता के लिए अकेले जमीनी जंग वो और उनके सच्चे समाजवादी सिपहसलार लड़ रहे थे। सूबे के आमजन ने राहत की सांस ली।

    इंस्पेक्टराज का खात्मा, किसानों की कर्जमाफी, बालिकाओं की शिक्षा को धन की व्यवस्था आदि कई ऐसे कार्य किये गये जिससे कहीं न कहीं सूबे के आमजन को संबल जरूर मिला है। साम्प्रदायिकता व वर्गवाद को बढ़ावा देकर भी सत्ता हासिल की जाती थी व की जा रही हैं। किंतु मुलायम अपने नीतियों व सिद्धांतों पर अटल रहे। उन्होंने देश की आजादी व आजादी के बाद का जो दृश्य देखा उससे वो काफी प्रभावित थे। सामंतवादी ताकतों ने सदैव मानवता का सिर झुकाया है। उन्होंने समाजवाद की ढाल से मानवता के दुश्मनों को बेहाल किया।

    बेहतरीन रक्षामंत्री रहे नेता जी

    1996-98 में देश के रक्षामंत्री बन कर देश की सुरक्षा के प्रति कटिबद्ध रहे और जवानों के सम्मान में ऐतिहासिक कदम उठाए। शहीद सैनिकों का पार्थिव शरीर उनके परिजनों को दिये जाने की और उनके द्वारा ही अंतिम संस्कार करने के लिए सभी पुराने कानूनों को बदला। बार्डर पर लगे सैनिकों का जोखिम स्केल भी बढ़ाया। इन्हें देश का सर्वश्रेष्ठ रक्षामंत्री का पुरस्कार भी मिला। देश सदैव नेताजी के इन नेक कार्यों के लिए आभारी रहेगा। पड़ोसी देशों ने इस काल में कभी भी सीमा उल्लंघन नहीं किया।

    2004 में सूबे की बागडोर फिर नेताजी के हाथों में थी। पर यह सभी सरकारें बहुमत की नहीं थीं। फिर भी उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास व लोगों की सुविधाओं का समुचित ख्याल रखा। बेरोजगारों को भत्ता, कन्या विद्याधन योजना ने सरकार की खूब वाहवाही की।

    कथनी और करनी में समानता अखिलेश जी को विरासत में मिली:

    बसपा के भ्रष्टाचार से तंग आकर जनता ने 2012 में सपा को ऐतिहासिक जीत प्रदान की। सपा ने अपने वादे भी पूरे किये। इंजीनियर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्थायी विकास व लोगों को स्थायी लाभ देने को कई योजनाओं का क्रियान्वयन भी किया। कई योजनाओं में तो लोगों को त्वरित लाभ मिलने लगा। अखिलेश जी ने भी नेताजी की छवि को हमेशा बनाए रखा। कथनी और करनी में सदैव समानता रखी। तात्कालीन सपा सरकार ने भी अपने सभी वादे भी पूरे किये। और इस विधानसभा चुनाव में भी जनता इनके घोषणा पत्र पर कहीं एक एक बात पर विश्वास कर रहा है। क्योंकि इससे पहले भी जनता सपा के घोषणा पत्र में कही गई बातों को जमीन पर उतरते देख चुकी है।

    युवा नेता मनोज अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भारत में सर्वाधिक महंगी बिजली योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को दिया। हमारे नेता अखिलेश जी ने जनता से तीन सौ यूनिट घरेलू बिजली फ्री और सिंचाई फ्री का जो वादा किया है सरकार बनने के बाद वो पूरा भी होगा। इस सरकार की तरह जाति और मजहब देखकर कोई काम नहीं होंगे। योजनाओं और रोजगार में भी सबको बराबर अवसर मिलेंगे। इस बार जब अखिलेश जी सत्ता में आयेंगे तो उनका नया रूप उत्तर प्रदेश की जनता को जरूर मोहेगा।

    इसके पहले अखिलेश जी ने जब यूपी का ताज संभाला था तब कहीं न कहीं सपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं का थोड़ा बहुत दबाव भी था वजह थी नैतिकता और सम्मान। जनहितों के लिए और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए अपनी नई सोच और तकनीक से आगे बढ़ने पर कुछ अपनों के बीच विचारों को लेकर तालमेल भी नहीं बैठा।

    लेकिन संघर्षों के साये में आगे बढ़ते हुए अखिलेश जी ने प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण का इन्नोवेटिव मार्ग चुन लिया। यह अखिलेश जी का काम ही बोल रहा है कि 2017 में बनी बीजेपी सरकार उन्हीं के विकास कार्यों का फीता ही बस पांच साल कटती रही। अगर धर्म-जाति की राजनीति से ऊपर उठकर पिछली विधानसभा चुनाव में वोट पड़ते तो उत्तर प्रदेश आज उत्तम प्रदेश का उपमान बन चुका होता।

    जनहितों को लेकर सपा की ओर लहर

    युवा नेता मनोज यादव ने आगे कहा कि जनहितों को लेकर यूपी में लहर सपा की ओर है। उन्होंने आगे कहा जनमत को प्रभावित करने वाला मीडिया अब जनविश्वास के दायरे से बाहर होता जा रहा है क्योंकि मीडिया अब सत्ता को आईना दिखाने का काम नहीं करती अब सत्ता समर्थन में काम करने लगी है। सोशल मीडिया, न्यूज पोर्टल, यूट्यूब चैनल और कुछ छोटे बजट के अखबारों में सच तो सामने आ ही जाता है। अखिलेश जी की रैलियों में जन सैलाब स्वत: स्फूर्ति वान है जबकि सत्ता पक्ष की रैलियों में भीड़ एकत्रित करने के लिए पूरी मशीनरी लगानी पड़ रही है।
    युवा नेता मनोज जी ने अपनी बातों को यहीं से विराम दिया। उनके चेहरे में अपनी पार्टी की बड़ी जीत का आत्मविश्वास भी झलक रहा था।

    यूपी के इस महापर्व और सियासी दलों के इस महासंग्राम में भाजपा और सपा में जहां बहुत ही कांटे की टक्कर मानी जा रही है वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती जी भी सरकार बनाने का दावा कर रही हैं उनके टिकट वितरण की क्रोनोलाजी और दलित ब्राह्मण गठजोड़ जरूर उनके सपनों पर, पर भी लगा सकती है। वहीं कांग्रेस में प्रियंका गांधी जी भी यूपी में कांग्रेस को स्टैंड करने के लिए आधी आबादी को साथ लेकर चल रही हैं पिछले सालों की अपेक्षा कांग्रेस भी अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। ऐसे में सपा के लिए बीजेपी को सीधी टक्कर दे पाना एक बड़ी चुनौती अब भी होगी।

    सरकार की कई गलत नीतियों से त्रस्त यूपी की जनता अखिलेश जी की रैलियों में जो सैलाब की तरह उमड़ी दिखाई दी थी यदि यही भीड़ वोट में परिवर्तित होती है तब ही सपा के लिए यूपी की राह आसान हो सकती है।

    Shagun

    Keep Reading

    This very land gave us a hero like Abdul Hamid, and now a grand memorial for Maharaja Suheldev is being built: CM Yogi.

    योगी सरकार का बड़ा तोहफा: 5 लाख आउटसोर्स कर्मियों को शोषण से मुक्ति

    68,500 Teacher Recruitment: Candidates lay siege to Minister's residence, demanding implementation of reservation orders.

    68500 शिक्षक भर्ती: आरक्षण आदेश लागू करो, मंत्री आवास पर अभ्यर्थियों का घेराव

    Azim Premji Foundation to provide scholarships to 20,000 female students in Delhi.

    अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन दिल्ली में 20,000 छात्राओं को देगा स्कॉलरशिप

    Women sanitation workers tied Rakhis to the Urban Development Minister.

    स्वच्छताकर्मी महिलाओं ने नगर विकास मंत्री को बांधी राखी

    rampant sale of adulterated sweets in the market.

    त्योहार नजदीक, बाजार में नकली मिठाई का खुला खेल

    Ritual bathing of the deity at Lakshman Tila with Ganga water from Bithoor; organization remains steadfast despite police restrictions.

    लक्ष्मण टीला पर बिठूर के गंगाजल से जलाभिषेक, पुलिस रोक के बावजूद संगठन अडिग

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Bollywood’s ‘Dabangg’ Divas in Khaki

    खाकी में बॉलीवुड की ‘दबंग’ हसीनाएँ

    September 2, 2026
    ‘Vibe’ trailer released: An explosive cocktail of laughter, action, and twists.

    ‘वाइब’ का ट्रेलर रिलीज: हंसी, एक्शन और ट्विस्ट का धमाकेदार कॉकटेल

    September 2, 2026
    This very land gave us a hero like Abdul Hamid, and now a grand memorial for Maharaja Suheldev is being built: CM Yogi.

    योगी सरकार का बड़ा तोहफा: 5 लाख आउटसोर्स कर्मियों को शोषण से मुक्ति

    September 2, 2026
    68,500 Teacher Recruitment: Candidates lay siege to Minister's residence, demanding implementation of reservation orders.

    68500 शिक्षक भर्ती: आरक्षण आदेश लागू करो, मंत्री आवास पर अभ्यर्थियों का घेराव

    September 2, 2026
    Hanuman Ansh beats ‘Toxic’

    हनुमान अंश ने ‘टॉक्सिक’ को पछाड़ा

    September 2, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading