मुम्बई, 26 जनवरी 2022: उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल व वरिष्ठ भाजपा नेता राम नाईक ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश के मतदाता जाति के आधार पर नहीं करते है। इस बार विकास ही चुनाव का मुख्य मुद्दा है।
जाति के आधार पर चुनाव जीतना अब यहाँ संभव नहीं है। उत्तर प्रदेश के मतदाता सजग हुए है। राम नाईक मुंबई में उत्तर भारतीय परिषद द्वारा आयोजित ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ समारोह नाईक बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्थापना 1950 में हुई थी। मगर उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों की तरह स्थापना दिन नहीं मनाया जाता था। मुंबई में ‘अभियान’ संस्था तो यह दिन 1999 से मनाती आ रही है। इसलिए राज्यपाल बनते ही प्रदेश की अस्मिता जगानेवाला यह दिन मनाना चाहिए ऐसा सुझाव तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी को दिया था। जिसे उन्होंने अनदेखा किया था। 2017 में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनने पर मैंने फिर से उन्हें भी यही सुझाव दिया। जिस पर योगी आदित्यनाथ ने तत्काल अमल करते हुए योगी सरकार ने 24 जनवरी 2018 को पहली बार प्रदेश में ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ मनाया।
इस प्रथम समारोह में ही योगी आदित्यनाथ जी ने ‘एक जिला,एक उत्पाद (ODOP)’ योजना की नींव रखी। राम नाईक ने कहा कि योगी सरकार के ऐसे प्रयासों के चलते ही आज उत्तर प्रदेश में 6.87 करोड़ रोजगार के अवसर निर्माण हुए है। इतना ही नहीं तो प्रदेश से विदेशों में हो रही निर्यात में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। योगी सरकार द्वारा आयोजित ‘इन्वेस्टर्स समिट’ के कारण प्रदेश में निवेश बढ़ गया और अब उत्तर प्रदेश विकास की दृष्टी से 14 से ऊपर छलांग लगाकर अब देश में दुसरे स्थान पर है।
श्री नाईक ने कहा, “पाच वर्ष मैंने बहुत गहन रूप से उत्तर प्रदेश को देखा है। अब भी मेरा वहाँ की जनता से जिन्दा संपर्क है। इसलिए मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अब यूपी की जनता जाती के आधार पर नहीं विकास के मुद्दे पर मतदान करती है। यही कारण है कि छ:महीने पूर्व हुए जिला पंचायत चुनाव में 90 प्रतिशत जगहों पर भाजपा के अध्यक्ष बने। यही नजारा अब विधान सभा चुनाव परिणाम में अवश्य दिखेगा। विशाखा कुलकर्णी ने बताया कि इस समारोह में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावडे द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस का प्रारंभ कराने की प्रेरणा देने के लिए श्री राम नाईक का सम्मान किया गया। मुंबई में वर्षों से यह दिन मनानेवाले अमरजीत मिश्र को राम नाईक ने सम्मानित किया।
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश का जनम-जनम का रिश्ता है। उत्तर प्रदेश में जन्मे श्री राम और श्री कृष्ण को महाराष्ट्र भी सदियों से पूजता आया है। अब उत्तर प्रदेश पहले जैसा बीमारू नहीं रहा। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हुई तरक्की वास्तव में सराहनीय है। फडणवीस ने याद दिलाया कि उनके कार्यकाल में ही महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक समझौता हुआ।उस समय सांस्कृतिक मंत्री रहे और अब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बने विनोद तावडे ने कहा कि उनके उत्तर प्रदेश दौरे में उन्हें महसूस हुआ कि मराठी आदमी के लिए उत्तर प्रदेशवासियों के दिल में विशेष जगह है। अपने राजनीतिक लाभ के लिए कोई चाहे जितनी कोशिश करें महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश की जनता के बीच कभी दरार पैदा नहीं हो सकती।
अमरजीत मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कभी माफिया राज हुआ करता था। मगर योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वह चित्र बदल डाला। लोग अब भय मुक्त है। उन्होंने कहा कि “पूर्व राज्यपाल राम नाईक को आज भी उत्तर प्रदेश याद करता है। आज का दिन वास्तव में उन्ही की देन है। महाराष्ट्र के उत्तर भारतीय नेता आर.यु. सिंह,जयप्रकाश ठाकुर तथा राज पुरोहित के भी विचार व्यक्त किये। गायक सुरेश शुक्ला को सम्मानित किया गया। विनोद मिश्रा,आर.डी. यादव,अर्जुन गुप्ता, विनय त्रिपाठी सहित अनेक लोग कार्यक्रम में उपस्थित थे।







