मुसलामानों के कांग्रेस में लौटने से बौखला गए हैं अखिलेश
लखनऊ 26 जनवरी 2022: डीएसपी ज़ियाउल हक़ के हत्यारोपी गुलशन यादव को सपा द्वारा कुंडा से प्रत्याशी बनाए जाने पर टिप्पणी करते हुए अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम ने इसे अखिलेश यादव की मुस्लिम विरोधी मानसिकता का एक और उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि मंच से मुस्लिम नेताओं को भगाने, पीटने और स्टूल पर बैठाने के बाद अब मुस्लिमों के हत्यरोपियों तक को अखिलेश यादव टिकट दे रहे हैं।
कांग्रेस मुख्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में शाहनवाज़ आलम ने कहा कि 2 मार्च 2013 को कुंडा में अखिलेश यादव जी के शासन में ज़ियाउल हक़ की हत्या में शामिल रघुराज के क़रीबी गुलशन यादव समेत 5 अन्य के खिलाफ़ ख़ुद ज़ियाउल हक़ की पत्नी परवीन आज़ाद ने नामज़द एफआईआर दर्ज कराई थी। उस पूरे मामले में अखिलेश यादव की कोशिश हत्यारोपियों को बचाने की थी। इसी के तहत सीबीआई ने भी रघुराज प्रताप सिंह को क्लीन चिट दे दी थी।
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अखिलेश यादव जी को बताना चाहिए कि एक फकीर जैसी कमज़ोर पसमांदा बिरादरी से आने वाले युवा मुस्लिम डीएसपी के हत्यारे को टिकट दे कर वो क्या साबित करना चाहते हैं। क्या वो ये संदेश देना चाहते हैं कि मुसलमान सिर्फ़ ई रिक्शा चलाये और अधिकारी बनने का सपना भी ना देखे?
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि डीएसपी ज़ियाउल हक़ के हत्यारोपी गुलशन यादव को टिकट दे कर अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव के उस बयान पर मुहर लगा दी है कि अखिलेश मुस्लिम विरोधी हैं जो नहीं चाहते थे कि जावीद अहमद को राज्य का डीजीपी बनाया जाए और जब मुलायम सिंह यादव ने उन्हें डीजीपी बनवा दिया तो अखिलेश यादव ने नाराज़गी में उनसे 15 दिनों तक बात नहीं की थी।







