दिल्ली का ग्राहक: ऊँचा सुनने की मशीन कितने की है ?
दुकानदार: 20 रूपए से 20 हजार रूपए तक।
दिल्ली का ग्राहक: 20 रूपए वाली दिखाओ।
दुकानदार: ये लीजिए, कान में लगाने का एक बटन और बटन से शर्ट की जेब तक एक वायर का टुकड़ा।
दिल्ली का ग्राहक: ये काम कैसे करती है ?
दुकानदार: ये जी, कुछ भी काम नहीं करती… पर इसे लगा देखकर लोग आपसे जोर जोर से बोलते हैं तो मशीन की ज़रूरत नहीं पढ़ती। हमारे लुधियाने में सबसे ज्यादा यही मशीन बिकती है।
गुस्ताखी माफ-
गाड़ी चलाते हुए अगर कोई बच्चा सामने आ जाए तो पहले कोशिश करे कि गाड़ी को रोक लें मगर यह मुमकिन न हो तो फिर बच्चे के पीछे से निकालें क्यों कि साधारणतया बच्चा आगे की तरफ दोड़ता है।
इसी प्रकार कोई बुजुर्ग गाड़ी के सामने आ जाए तो उसके आगे से गाड़ी निकालें क्यों कि वृद्धजन नॉर्मली पीछे की और हटते है।
यदि कोई युवा पुरुष गाड़ी के सामने आता दिखता है तो अपनी सीधी रौ में चलते हुए गाड़ी थोड़ी धीमी कर लें। पुरूष गाड़ी पास आने पर अपने आप ही फुर्ती से आगे पीछे हो जाएगा या जम्प ही लगा लेगा।
लेकिन ईश्वर न करे कोई महिला आपकी गाड़ी के सामने आ जाए तो हर हाल में गाड़ी रोकने का प्रयास करें.
क्योंकि ईश्वर की यह रचना पहले आगे की तरफ भागती है फिर हड़बड़ा कर वापस पीछे की ओर उल्टे पैर भागेगी….
और अंत में जब कुछ समझ न आएगा तो दोनों कानों पर हाथ रखकर सड़क के बीचों बीच खड़ी हो जाएगी।
(विश्व से गुस्ताखी माफ).







