डॉ दिलीप अग्निहोत्री
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का संसद में संबोधन राष्ट्रीय गौरव के अनुरूप था। इसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा का उल्लेख था। इसके साथ ही आर्थिक संवैधानिक और सांस्कृतिक विषयों का भी समावेश था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इसमें प्रगति और सुशासन का रोडमैप प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रपति का संसद के दोनों सदनों में संबोधन व्यापक था और इसमें प्रगति और सुशासन का रोडमैप प्रस्तुत किया गया। इसमें भारत द्वारा की जा रही प्रगति और भविष्य में आने वाली संभावनाओं को शामिल किया गया। उनके संबोधन में कुछ प्रमुख चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया, जिन्हें हमें अपने नागरिकों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से दूर करना होगा।







