बौद्ध शोध संस्थान में स्वर वाहिनी संगीत समिति का कार्यक्रम
लखनऊ, 2 मई 2025: अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के प्रेक्षागृह, गोमतीनगर में स्वर वाहिनी संगीत समिति द्वारा आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायनाचार्य पं. बड़े रामदास और पं. भवानी प्रसाद को राष्ट्रीय कलाकारों ने गायन, वादन और नृत्य के माध्यम से भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ पं. रामेश्वर प्रसाद मिश्र के शिष्यों द्वारा मंत्रमुग्ध कर देने वाली गुरु वंदना से हुआ। इस प्रस्तुति में तबले पर आलोक मिश्र और हारमोनियम पर प्रमोद उपाध्याय ने उत्कृष्ट संगत की। इसके पश्चात बनारस के वरिष्ठ सारंगी वादक पं. कन्हैयालाल ने राग मालकौंस की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसमें सारंगी पर अनीश मिश्र और ओमसहाय मिश्र ने साथ दिया, जबकि तबले पर अरुण भट्ट ने संगत की।
पं. रामेश्वर मिश्र ने अपनी विशिष्ट शास्त्रीय गायन शैली में पहले राग पूरिया कल्याण और फिर राग यमन की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन गुरु सुरभि सिंह की पारंपरिक कथक नृत्य प्रस्तुति के साथ हुआ। उन्होंने शबरी प्रसंग के साथ तीनताल विलंबित लय में उपज, थाट, उठान, दुर्गा परन आदि का प्रदर्शन किया। इसके बाद दादरा “बिहारी को अपने बस कर पाऊँ…” और द्रुत लय में चक्करदार परन, जुगलबंदी, गेंद की तिहाई आदि की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस प्रस्तुति में गायन बृजेन्द्र श्रीवास्तव का था, जबकि तबले पर अरुण भट्ट, सारंगी पर मनीष मिश्रा और पढ़न्त में आकांक्षा पाण्डेय ने संगत की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, बिरजू महाराज कथक संस्थान की अध्यक्ष प्रो. कुमकुम धर, पं. धर्मनाथ मिश्र, उस्ताद गुलशन भारती, पं. राममोहन महाराज और इल्मास हुसैन खां ने शिरकत की। इस आयोजन ने संगीत और नृत्य के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय कला की समृद्ध परंपरा को न केवल जीवंत किया, बल्कि दो महान गुरुओं के प्रति सम्मान और श्रद्धा को भी खूबसूरती से व्यक्त किया।







