रणथंभौर के वन रक्षकों के साहस और संघर्ष की एक कहानी
लखनऊ, 14 मई : रणथंभौर नेशनल पार्क से हाल ही में एक दुखद खबर सामने आई, जहां जोगी महल गेट पर तैनात नवप्रमोदित रेंजर देवेंद्र चौधरी एक बाघ के हमले में अपनी जान गंवा बैठे। यह घटना हमें उस जोखिम भरे कार्य की याद दिलाती है, जो वन कर्मी हमारी प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा के लिए करते हैं। देवेंद्र जैसे साहसी कर्मियों की बदौलत ही आज भारत में बाघों की संख्या बढ़ रही है, जो हमारे संरक्षण प्रयासों की सफलता का प्रतीक है।
बता दें कि टाइगर ने रेंजर पर हमला कर मार डाला। टाइगर ने उनकी गर्दन पर दांतों और नाखून से किया हमला, बताया जाता है कि देवेंद्र के मरणोपरांत टाइगर 20 मिनट तक उनके शव के पास बैठा रहा। देवेंद्र को नौकरी जॉइन किये हुए आठ साल हो गए थे और अभी हाल ही में उनका प्रमोशन हुआ था।
इस दुखद घटना के बाद भी, वन विभाग का हौसला अटूट है। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां जल्द ही एक और वन कर्मी उसी लगन और निष्ठा के साथ बाघों की सुरक्षा के लिए तैनात होगा। यह उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देता है।
इस घटना ने समाज और सरकार का ध्यान भी आकर्षित किया है। राजस्थान के वन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने तुरंत सवाई माधोपुर जिला अस्पताल पहुंचकर मृतक रेंजर के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने वन विभाग को ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेने और भविष्य में रोकथाम के लिए उपाय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने मृतक के परिवार के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की और स्वयं का एक माह का वेतन पीड़ित परिवार को देने की घोषणा की। यह कदम न केवल पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है, बल्कि वन कर्मियों के प्रति समाज के समर्थन को भी रेखांकित करता है।
उन्होंने कहा कि हमें भी इस मुश्किल समय में वन विभाग का साथ देना चाहिए। हम सोशल मीडिया, सामुदायिक कार्यक्रमों, और मीडिया के माध्यम से उनके कार्य को सराह सकते हैं। साथ ही, वन्यजीवों और प्रकृति के प्रति जागरूकता फैलाकर उनके प्रयासों को बल दे सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर वन रक्षकों के साहस को सलाम करें और उनकी सुरक्षा व सम्मान के लिए हर संभव प्रयास करें।
सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स ने इस बुरी खबर को किया वायरल : रणथम्भोर से बुरी खबर.. जोगी महल गेट पर हाल ही में तैनात फॉरेस्टर देवेंद्र चौधरी है जिसका हाल ही में रेंजर में प्रमोशन हुआ है को टाईगर दबोच कर जंगल मे ले गया है मृत्यु हो चुकी है पूरा प्रशासन मौके पर पहुंच चुका है।
हम क्या कर सकते हैं?
- जागरूकता फैलाएं: सोशल मीडिया और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से वन विभाग के कार्यों को प्रचारित करें।
- नीतिगत समर्थन: सरकार से वन विभाग के लिए बेहतर संसाधन, प्रशिक्षण, और सुरक्षा उपायों की मांग करें।
- सहयोग दें: स्थानीय स्तर पर वन संरक्षण कार्यक्रमों में भाग लें और अवैध गतिविधियों की सूचना दें।
- प्रकृति का सम्मान: जंगलों में जाकर कचरा न फैलाएं और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहें।
वन विभाग के कर्मचारी निस्वार्थ भाव से प्रकृति की रक्षा कर रहे हैं। उनकी चुनौतियों को समझकर और उनका समर्थन करके हम एक बेहतर पर्यावरण की दिशा में योगदान दे सकते हैं।







