मसूरी, 16 जून 2025: पहाड़ों की रानी मसूरी में वीकेंड पर एक बार फिर पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण देहरादून-मसूरी मार्ग पर लंबा जाम लग गया। रविवार को वीकेंड की समाप्ति के साथ हजारों पर्यटक मसूरी से लौटे, जिसके चलते कुठाल गेट, किंक्रेग, गांधी चौक और जीरो पॉइंट जैसे इलाकों में कई घंटों तक वाहन रेंगते रहे। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे मसूरी की यातायात व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय निवासियों और पर्यटकों का कहना है कि हर वीकेंड पर जाम की स्थिति बनना अब आम बात हो गई है। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों की भारी संख्या के कारण सड़कें और पार्किंग स्थल पूरी तरह भर जाते हैं। एक पर्यटक ने बताया, “मसूरी से देहरादून लौटने में हमें तीन घंटे से ज्यादा लग गए। पांच मिनट की दूरी तय करने में आधा घंटा लग रहा था।”
पुलिस और प्रशासन ने जाम से निपटने के लिए कई उपाय किए हैं, जिनमें शटल बस सेवाएं, सेटेलाइट पार्किंग, और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग शामिल है। हाल ही में देहरादून पुलिस ने वीकेंड के लिए नया ट्रैफिक प्लान लागू किया, जिसमें गज्जी बैंड से हाथी पांव और स्प्रिंग रोड जैसे वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों को डायवर्ट करने की व्यवस्था की गई। इसके बावजूद, संकरी सड़कों और सीमित पार्किंग सुविधाओं के कारण जाम की समस्या बरकरार है।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने मसूरी के लिए एक समर्पित वैकल्पिक मार्ग की मांग को दोहराया है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गूंज रहा है, जहां एक यूजर ने लिखा, “पिछले 25 सालों में मसूरी के लिए वैकल्पिक मार्ग नहीं बन सका। अब समय आ गया है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।” मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाल ही में झड़ीपानी, कैमल्स बैक, लंढौर और खट्टापानी रोड जैसे वैकल्पिक मार्गों को चौड़ा करने और सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए हैं, लेकिन इन योजनाओं के धरातल पर उतरने में अभी समय लग सकता है।
जाम की इस समस्या का असर न केवल पर्यटकों की यात्रा पर पड़ रहा है, बल्कि स्थानीय व्यापार और आपातकालीन सेवाओं पर भी विपरीत प्रभाव डाल रहा है। हाल ही में जाम के कारण एक पर्यटक की अस्पताल पहुंचने में देरी होने से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि मसूरी में जाम से निपटने के लिए 28 सेटेलाइट पार्किंग स्थलों की पहचान की गई है, और किंक्रेग से पिक्चर पैलेस तक शटल बस सेवाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा, गोल्फ कार्ट और रिक्शा चालकों को प्रशिक्षण देकर पर्यटकों की आवाजाही को सुगम बनाने की योजना है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मसूरी की यातायात समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि एक नया वैकल्पिक मार्ग और बेहतर पार्किंग सुविधाएं ही इस समस्या का स्थायी हल हो सकती हैं। फिलहाल, मसूरी की खूबसूरती का आनंद लेने आने वाले पर्यटकों को जाम की चुनौती से जूझना पड़ रहा है।







