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    Home»Social media»Viral Video Issue

    चढ्ढी नहीं, थाम्स पहने थे : ट्रोल होने के बाद खुशी मुखर्जी ने दिया बयान, यूजर्स के कमेंट पढ़कर हंसी छूट जाएगी

    ShagunBy ShagunJune 29, 2025Updated:June 29, 2025 Viral Video Issue No Comments5 Mins Read
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    मुंबई, 29 जून 2025: अभिनेत्री खुशी मुखर्जी एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। पहले एक वायरल वीडियो में उनकी ब्लैक साइड-कट ड्रेस को लेकर सोशल मीडिया पर अश्लीलता का आरोप लगा, और अब उनके एक पुराने वीडियो ने तूल पकड़ लिया है, जिसमें उन्होंने भारत को पोर्न कंज्यूम करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बताया था। खुशी ने अपने बयान में कहा था, “पोर्न को चुपके से देखो और चुपके से चाहो, तो क्या वो गलत हो गया? बदनाम वही होते हैं जिनका नाम होता है, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है, जिसमें भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों पर उनके विचारों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    खुशी मुखर्जी का विवादास्पद बयान: पोर्न खपत और भारतीय संस्कृति पर सवाल, सोशल मीडिया पर भारी

    खुशी के इस बयान पर कई यूजर्स ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ऐसे बयान न केवल सामाजिक मर्यादाओं को चुनौती देते हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक संवेदनशीलताओं को भी ठेस पहुंचाते हैं। एक एक्स यूजर ने लिखा, “जब आप अपनी बहन का रिश्ता लेकर किसी के घर जाते हैं, तब फर्क पड़ता है। जिन घरों में आज भी पर्दा है, वहां फर्क पड़ता है। यह आपकी व्यक्तिगत आजादी का सवाल नहीं, बल्कि सामाजिक प्रभाव का मसला है।”

    हाल ही में खुशी की ड्रेस को लेकर वायरल वीडियो पर ट्रोलिंग के बाद उन्होंने सफाई दी थी कि “मैंने थॉन्ग पहना था, चड्डी नहीं, और मैं कम्फर्टेबल थी। मुझे पता है कि क्या दिखाना है और क्या नहीं।” लेकिन इस बयान को भी सोशल मीडिया पर झूठा करार दिया गया। कई यूजर्स ने कहा कि जनता सब समझती है और गलत लगने पर ही अपनी नाराजगी जाहिर करती है। एक यूजर ने टिप्पणी की, “यह फैशन नहीं, बल्कि व्यू गैदरिंग का मानसिक रोग है।”

    कई लोगों ने खुशी के बयानों को भारतीय संस्कृति के लिए हानिकारक बताया और इसे सामाजिक मूल्यों के खिलाफ माना। एक यूजर ने लिखा, “ऐसे बयान और व्यवहार न केवल अश्लीलता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज और बच्चों पर बुरा असर डालते हैं।” कुछ ने तो खुशी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।

    https://x.com/i/status/1939318426217922686

    हालांकि, कुछ यूजर्स ने खुशी का बचाव करते हुए कहा कि व्यक्तिगत आजादी का सम्मान होना चाहिए। फिर भी, बहुसंख्यक राय यही है कि ऐसे बयान और व्यवहार सामाजिक मर्यादाओं को पार करते हैं और कार्यस्थल से लेकर पारिवारिक रिश्तों तक हर जगह प्रभाव डालते हैं।

    https://x.com/i/status/1939157951882670535

    प्रशासन और मुंबई पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग उठ रही है। कुछ यूजर्स ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुंबई पुलिस को टैग कर खुशी के खिलाफ कदम उठाने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐसी बहसें समाज में डिजिटल नैतिकता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के बीच टकराव को दर्शाती हैं।

    यूजर्स ने फिर भी धो डाला :

    महिमा यादव :चढ्ढी नहीं, थाम्स पहने थे खुशी मुखर्जी के बयान पर ठेठ भाषा में दिया जवाब :समझ लीजिए प्लास्टिक के धागे से सिला हुआ पेंटी, जिसमें अमरूद के पेड़ की छोटी सी पत्ती जैसा कवर सामने और एक बेर के पेड़ की पत्ती जैसा कवर पीछे।

    लोग ग्रोक से भी पूंछ बैठें, थाम्स क्या है : थाम्स (thams) is likely a Hindi transliteration of “thongs,” a type of underwear with a thin strip at the back, offering minimal coverage. It’s designed to avoid visible panty lines under tight clothing and is worn for comfort or style. In India, thongs are available online and in stores, used by both men and women, though familiarity with the term may vary. Some find them comfortable, especially under sarees, but opinions differ due to cultural or comfort concerns.

    रोहित : बहुत बड़ा अहसान कर दिया हमारे ऊपर थॉमस पहकर गरीबी कपड़े नहीं खरीद पाती और अमीरी कपडे पहन नहीं पाती।

    आशीष सविता : इनको अवार्ड दो मिशन में कामयाब हुई इनकी बातें सुनिए हसी आती है इनकी सोच पर।

    विकास यादव : कोई इस बहन को बताओ, की इससे ज्यादा क्या ही दिखाना होता है. बचा ही क्या था।

    एक देशभक्त यूजर ने लिखा : कपड़े थोड़े छोटे हो तो चलता है, ऐसे कपड़े पहनने का क्या फ़ायदा जो इतना manage करने पड़े, अब तक तो लड़कियों को बाल संभालते देखा था जो अच्छा लगता था

    चिरिंजीवी गिरी ने लिखा : हमके त तोहर गाड़ देखात रहल ये से बढ़िया पूरा खोल के चलले होतु त तोहके ब्लू फिल्म मे रोल मिल जात तब तोहार देखाव क सौख पूरा हो जात।

    ललित माहवार ने लिखा : यहां सफाई किसको दे रही है जो कुछ भी सच्चाई थी वो सब वीडियो में सब देख चुके है तुझे दिखाना है तो दिखा तुझे किसने मना किया but ये अश्लीलता फैलाने का हक़ नहीं है तुझे तुझसे भी कही खूबसूरत महिलाएं है इस दुनिया में जो मर्यादा में रहती है बात रही तेरी जैसी तो 36 घूमती है सड़को पर।

    समशेर सिंह : झुमरी बेवजह क्यों सफाई दे रही है , देखने वाले मूर्ख नहीं हैं। कमीज भी क्यों पहना ? दिखाना ही था तो तबियत से दिखाती , किसने रोका था।

    राजन कुमार सिंह : तुम अपना कुर्ती भी उठा लो हमे क्या, बहुत बडी हस्ती तो हो नही , तुम्हारे जैसी सडको पर मिलती रहती है।

    धनंजय : अगर कपड़ा इनके हाथ से छूट जाता, तो पब्लिक इनका “घर और द्वार” दोनों देख लेती।

    केबी चटर्जी : एक भद्दी अधेड़ औरत समाज को नष्ट भ्रष्ट कर रही हैं। वह अपने घर पर यह उपद्रव करें।

    राघवेंद्र यादव : कितनी बेशर्म है ये लड़की पहले तो ऐसी ड्रेस पहन के बाहर निकली अब आकर यहां फलतू की बकबास कर रही ऐसे लोगो को ये कौन है जो मायक लगा के बकबास सुन रहे कितना दिखाना कितना छुपाना।

    Shagun

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