Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, April 28
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»राजनीति

    मध्यप्रदेश में जमीन से जुड़े नेता हेमंत खंडेलवाल के हांथो में भाजपा की डोर…!

    ShagunBy ShagunJuly 2, 2025 राजनीति No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 935

    बृजेश सिंह तोमर

    यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि भाजपा ने इस नियुक्ति के जरिए बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कह दिया है। नरोत्तम मिश्रा जैसे ताकतवर नामों को दरकिनार कर, खंडेलवाल को निर्विरोध अध्यक्ष बनाना एक स्पष्ट संदेश है कि पार्टी अब “शक्ति और शैली” की राजनीति से हटकर ‘संघ और संगठन के विश्वास’ वाली राजनीति की ओर लौट रही है।भाजपा अब ‘चेहरों ‘के मिथक को तोड़ ‘पार्टी सिम्बोल’ को केन्द्रविन्दु बनाना चाहती है। ये परिवर्तन केवल चेहरे का नहीं, बल्कि भाजपा के कार्य-संस्कृति और राजनीतिक दिशा का संकेत है जिसमें सेवा, संयम और समर्पण की राजनीति को फिर से केंद्रीय स्थान दिया जा रहा है…।

    बैतूल से भाजपा विधायक हेमंत खंडेलवाल का निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुना जाना पहली दृष्टि में एक सहज राजनीतिक प्रक्रिया जैसा लगता है, लेकिन इसके पीछे की गहराई में झांके तो यह निर्णय कई परतों वाला है जहां संगठन की जरूरतें, जातीय समीकरण, नेतृत्व की स्वीकार्यता और रणनीतिक संतुलन एक साथ भूमिका निभाते हैं। यह केवल पद की अदला-बदली नहीं है, बल्कि आने वाले चुनावों की तैयारी और भाजपा की कार्यशैली का आइना भी है।

    मध्य प्रदेश भाजपा में पिछले कुछ समय से प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर गहन कशमकश चल रही थी। वीडी शर्मा के पांच वर्ष लंबे कार्यकाल के बाद संगठन बदलाव के मूड में था, लेकिन यह बदलाव उथल-पुथल वाला नहीं, बल्कि संतुलित और संगठनात्मक दृष्टि से स्वीकार्य होना चाहिए,ऐसी स्पष्ट समझ पार्टी नेतृत्व के भीतर थी। कई नाम सामने आए जिनमे पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी चर्चाओं में सबसे आगे रहा। मिश्रा की प्रशासनिक पकड़, राजनीतिक अनुभव और वक्तृत्व शैली उन्हें एक दमदार दावेदार बनाती थी, लेकिन ठीक यहीं से संगठन की सोच और रणनीति अलग मोड़ पर जाती दिखी।

    नरोत्तम मिश्रा जैसी शख्सियतों का पिछड़ना सीधे-सीधे इस बात की तस्दीक करता है कि पार्टी अब उन चेहरों से परहेज़ कर रही है जो या तो विवादों से घिरे रहे हैं या जिनके साथ किसी विशेष गुट या सत्ता केंद्र का ठप्पा जुड़ा रहा है। नरोत्तम मिश्रा को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाने का राजनीतिक प्रभाव भी उनके खिलाफ गया।इसके अलावा इस पद पर फिलहाल बीडी शर्मा आसीन थे जो ब्राह्मण समुदाय से ही थे। ऐसे में पुनः ब्राह्म समाज की ताजपोशी भी अन्य वर्ग को प्रभावित कर सकती थी।पार्टी की रणनीति में यह विंदु भी प्रमुखता से शामिल था। हालांकि विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को मिली हार के बाद उनके कद को देखते हुये उन्हें प्रदेश में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के कयास प्रारम्भ से ही लगाये जा रहे थे,किन्तु पार्टी के सामने विजन 2028 भी था जिसमे”एक साधे-सब सधे”के तहत हर वर्ग को साधने के प्रयास शामिल है।इसी तरह कुछ अन्य नाम जो संगठन के भीतर चल रही गुटबाज़ी या सत्ता के समीकरण से जुड़े थे, वे भी सहजता से बाहर कर दिए गए।

    हेमंत खंडेलवाल का नाम इसी पृष्ठभूमि में पिछले कुछ दिनों में उभरा जो न तो बहुत मुखर है और न ही बहुत आक्रामक; लेकिन संगठन का सच्चा सिपाही है, जिस पर न कोई विवाद है, न ही किसी गुट विशेष का ठप्पा। संघ की स्वीकृति, संगठनात्मक अनुभव, और प्रदेश के एक अपेक्षाकृत शांत क्षेत्र से आने के कारण वे भाजपा आलाकमान के लिए एक सुरक्षित, “नरम लेकिन असरदार” विकल्प के रूप में सामने आए। साथ ही, वैश्य समाज से आने के कारण वे उस वर्ग में भी संदेश देने में सफल रहेंगे, जो आर्थिक दृष्टि से भाजपा का आधार रहा है परंतु राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दृष्टि से लंबे समय से अपेक्षा में था।यहाँ भाजपा की रणनीति सभी समाजो को साधने की थी जिसमे वैश्य समाज फिलहाल पिछड़ा था।

    जमीन से जुड़े नेता हैं हेमंत खंडेलवाल

    1. बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद
    2. कुशल भाव ठाकरे ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं
    3. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और संघ के करीबी
    4. 60 साल की उम्र में पार्टी के वरिष्ठ नेता
    5. पिता बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक
    6. 1996 से 2004 तक बैतूल से सांसद रहे
    7. 2008 में उपचुनाव जीतकर पिता की विरासत संभाली
    8. मध्यप्रदेश में भाजपा अब “बैलेंस्ड टीम” के माध्यम से “एक साधे-सब सधे” की तर्ज पर अब हर वर्ग को साधने का प्रयास करेगी।

    हेमंत खंडेलवाल की छवि जमीनी नेता की है। पिता विजय कुमार खंडेलवाल की संसदीय विरासत को सहेजते हुए उन्होंने बैतूल क्षेत्र में लगातार सादगी, सेवा और संघर्ष की राजनीति की है। प्रचार में ट्रैक्टर को धक्का देने वाले नेता की तस्वीरें प्रचार से अधिक प्रतीक बनकर जनता के बीच पहुंची हैं। वे न तो राजधानी की चमक-दमक में शामिल रहे, न ही मीडिया की सुर्खियों में रहे, लेकिन संगठन की नज़र में वे लगातार चढ़ते रहे।यही कारण है कि जब सभी नामों पर असहमति दिखी, तब खंडेलवाल सर्वसम्मति बन गए।

    इस चयन के राजनीतिक संकेत भी बहुत साफ हैं। भाजपा अब मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन की धार को अलग-अलग रखना चाहती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव युवा और ऊर्जावान चेहरा हैं, वहीं खंडेलवाल जैसे संयमित नेता को संगठन की बागडोर देकर भाजपा एक ‘बैलेंस्ड टीम’ का निर्माण कर रही है।एक ऐसा संयोजन जो 2028 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव दोनों की दृष्टि से सुदृढ़ हो।

    यह भी उल्लेखनीय है कि “राजनीतिक फ़्लैशबैक”में भी खंडेलवाल न तो बड़बोले हैं, न ही सत्ता का लोभ रखने वाले। यही गुण उन्हें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की उस सोच से जोड़ता है, जो अब धीरे-धीरे शांत, रणनीतिक और संगठन-आधारित नेतृत्व को प्राथमिकता दे रहा है। संघ की स्वीकृति, कोई विवाद न होना, संतुलित भाषण शैली, संगठन में कार्य करने का अनुभव और प्रदेश के दक्षिणी क्षेत्र से आना इन सभी बिंदुओं ने उन्हें इस दौड़ में विजयी बनाया।

    अतः यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि भाजपा ने इस नियुक्ति के जरिए बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कह दिया है। नरोत्तम मिश्रा जैसे ताकतवर नामों को दरकिनार कर, खंडेलवाल को निर्विरोध अध्यक्ष बनाना एक स्पष्ट संदेश है कि पार्टी अब “शक्ति और शैली” की राजनीति से हटकर ‘संघ और संगठन के विश्वास’ वाली राजनीति की ओर लौट रही है।भाजपा अब ‘चेहरों ‘के मिथक को तोड़ ‘पार्टी सिम्बोल’ को केन्द्रविन्दु बनाना चाहती है। ये परिवर्तन केवल चेहरे का नहीं, बल्कि भाजपा के कार्य-संस्कृति और राजनीतिक दिशा का संकेत है जिसमें सेवा, संयम और समर्पण की राजनीति को फिर से केंद्रीय स्थान दिया जा रहा है…।

    Shagun

    Keep Reading

    June-like Scorching Heat Grips UP in April Itself; Mercury Soars Past 47°C as Hospitals Swarm with Heatstroke Patients

    यूपी में अप्रैल में ही जून जैसी भीषण गर्मी, पारा 47°C के पार; अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मरीजों की भीड़

    Trump's Bold Claim, Iran's Sharp Response: Strait of Hormuz Closed Again; Firm Denial on Uranium

    अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान पर दबाव बढ़ा, लेकिन रूस का समर्थन: ‘ईरान को सैन्य धमकियों से नहीं डराया जा सकता’

    Brother Digs Up Sister's Grave, Carries Skeleton on His Shoulder to Bank—Just to Withdraw ₹19,300!

    बहन की कब्र खोदकर कंकाल कंधे पर लादकर बैंक पहुंचा भाई! सिर्फ ₹19,300 निकालने के लिए

    ‘टीएमसी-मुक्त बंगाल’ का बड़ा ऐलान! योगी आदित्यनाथ बोले : अब विकास की राह में बाधा डालने वाली TMC को उखाड़ फेंकने का सही समय आ गया

    Hopes Scattered on Scorching Roads: A delivery boy collapsing in the blistering heat is not merely an accident—it is a stark reality of our lives!

    तपती सड़कों पर बिखरी उम्मीदें : चिलचिलाती गर्मी में एक डिलीवरी बॉय का गिरना, सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि हमारी ज़िंदगी की सच्चाई!

    100 years of glorious journey! The Local Fund Audit Department celebrates its centenary.

    100 साल की गौरवपूर्ण यात्रा! स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग ने मनाई शताब्दी

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    June-like Scorching Heat Grips UP in April Itself; Mercury Soars Past 47°C as Hospitals Swarm with Heatstroke Patients

    यूपी में अप्रैल में ही जून जैसी भीषण गर्मी, पारा 47°C के पार; अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मरीजों की भीड़

    April 28, 2026
    Trump's Bold Claim, Iran's Sharp Response: Strait of Hormuz Closed Again; Firm Denial on Uranium

    अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान पर दबाव बढ़ा, लेकिन रूस का समर्थन: ‘ईरान को सैन्य धमकियों से नहीं डराया जा सकता’

    April 28, 2026
    Parents have been subjected to such manipulation for a very long time—it is simply that awareness has increased now.

    खेल तो पेरेंट्स के साथ बहुत पहले से होता आया है -जागरूकता अब बढ़ी

    April 28, 2026
    Twists at Every Turn: Murder Mystery ‘M4M’ Keeps Audiences Guessing

    ₹1 लाख की अनोखी चुनौती! मर्डर मिस्ट्री फिल्म ‘M4M’ में ट्विस्ट पर ट्विस्ट

    April 28, 2026
    Brother Digs Up Sister's Grave, Carries Skeleton on His Shoulder to Bank—Just to Withdraw ₹19,300!

    बहन की कब्र खोदकर कंकाल कंधे पर लादकर बैंक पहुंचा भाई! सिर्फ ₹19,300 निकालने के लिए

    April 28, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading