लखनऊ में व्यंग्य लेखन के नए मानकों पर संगोष्ठी का आयोजन, अट्टहास के तीन अंकों व काव्यसंग्रह का विमोचन
लखनऊ, 4 अगस्त 2025: वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार अनूप श्रीवास्तव की स्मृति में माध्यम साहित्यिक संस्थान और अट्टहास हास्य व्यंग्य पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी संस्थान के निराला सभागार में “वर्तमान समय में व्यंग्य लेखन के नए मानक” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर अट्टहास पत्रिका के तीन नए अंकों और आरके उपाध्याय के काव्यसंग्रह सृष्टि के गीत का विमोचन हुआ।
वक्ताओं ने कहा कि व्यंग्य की भाषा बदल रही है, जिसमें समसामयिकता और करुणा का समावेश जरूरी है। कवि-पत्रकार सुभाष राय ने बढ़ती विसंगतियों और संकटों के बीच व्यंग्यकारों की भूमिका पर जोर दिया। पंकज प्रसून ने परसाई और शरद जोशी का उल्लेख करते हुए व्यंग्य में मानवीयता और करुणा को आवश्यक बताया। कीर्ति काले ने सोशल मीडिया के प्रभाव को व्यंग्य के लिए घातक बताया, और इन्द्रजीत कौर ने नए बिंबों व उपमाओं की आवश्यकता पर बल दिया।
संगोष्ठी में ठाकुर प्रसाद सिंह और अनूप श्रीवास्तव के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। शिल्पा श्रीवास्तव के संयोजन और मुकुल महान के संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में ज्योति शेखर, सुधा शुक्ला, रंजना शेखर सहित कई साहित्यकार उपस्थित थे।







