उस पर कर देंगे परमाणु हमला: किम जोंग
नॉर्थ कोरिया दी ऑस्ट्रेलिया को दी धमकी: यदि उसने अमेरिका को सहयोग किया तो वह उसके निशाने पर होगा
नई दिल्ली 25 अक्टूबर। नॉर्थ कोरिया ने इस समय पूरी दुनिया को अपने परमाणु हथियारों के दम पर पूरे अर्दब में ले रखा है अब उसने ऑस्ट्रेलिया को धमकी दी है कि यदि उसने अमेरिका को सहयोग किया तो ऑस्ट्रेलिया भी नॉर्थ कोरिया के निशाने पर होगा। हालत यहाँ तक आ गए है कि अमेरिका के विदेश मंत्री को कहना पड़ा है कि हम नॉर्थ कोरिया के पहले टारगेट नहीं है।
उधर संयुक्त राष्ट्र में नॉर्थ कोरिया की ओर से कहा गया है कि जो भी देश नॉर्थ कोरिया के ऊपर कार्यवाही करने में अमेरिका का साथ देंगे उसे नॉर्थ कोरिया की ओर से टारगेट किया जाएगा, लेकिन जो देश अमेरिका को सहयोग नहीं देते हैं वह सिर्फ महसूस करें उनके ऊपर नॉर्थ कोरिया कार्यवाही नहीं करेगा।
संयुक्त राष्ट्र में नॉर्थ कोरिया के डिप्टी यूएन एंबेसडर के दस्तावेजों में इस बात का खुलासा हुआ है, यह दस्तावेज यूएन जनरल असेंबली की एक कमेटी की ओर से परमाणु हथियारों लेकर किए गए डिस्कशन मैं शामिल किया गया था, इसमें कहा गया है जब तक अमेरिकी मिलिट्री एक्शन मैं कोई देश शामिल नहीं होता है तब तक उस पर परमाणु हमला नहीं किया जाएगा।
बता दें कि नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के बीच विवाद चरम पर है एक और अमेरिका नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहा है दूसरी ओर नॉर्थ कोरिया पावंदी मानने को तैयार नहीं और हमले की धमकी दे रहा है।
इस समय अमेरिका और दक्षिण कोरिया का सैन्य अभ्यास चल रहा है जिससे नॉर्थ कोरिया और खफा है इधर भारत और रूस भी नॉर्थ कोरिया के करीब सैन्य अभ्यास कर रहे हैं जिससे नॉर्थ कोरिया और आग बबूला हो रहा हैं उधर जापान भी नॉर्थ कोरिया के परमाणु हमले से निपटने की पूरी तैयारी मे हैं आबो शिंजे के दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने से नॉर्थ कोरिया को काफी बुरा लगा हैं।
नॉर्थ कोरिया ने किया था बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट
- नॉर्थ कोरिया ने जुलाई में बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया था, इसकी रेंज 6700 किलोमीटर बताई गई इसका मतलब अलास्का भी इसकी चपेट में था, आपको बता दें कि ताना शाही शासन वाला देश 6 बारटेस्टकरके हाइड्रोजन बंब तैयार कर चुका है नॉर्थ कोरिया 2006 से ही न्यूक्लियर मिसाइलों का टेस्ट कर रहा है।
- अमेरिका समेत कई देश नॉर्थ कोरिया पर प्रतिबंध लगा चुके हैं प्रतिबंध की वजह से नॉर्थ कोरिया दबाव में है लेकिन सार्वजनिक तौर पर वह आक्रामक नजर आ रहा है।
- 2016 में नॉर्थ कोरिया ने ऐसे बंब का परीक्षण किया था जो 1945 में हिरोशिमा गिरा एगए बंब जतिन पावरफुल था।







