लखनऊ, 13 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में “टॉक्सोकॉन-21” राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान बड़ा तोहफा दिया – उत्तर भारत की पहली उन्नत एनालिटिकल टॉक्सिकोलॉजी लेबोरेट्री और प्वाइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर का लोकार्पण! ये सुविधा विषाक्तता के मामलों में गेम-चेंजर साबित होगी।

क्या खास है इस लैब में?
- खून, मूत्र या अन्य सैंपल्स की तुरंत सटीक जांच – पता चलेगा शरीर में कौन-सा जहर और कितनी मात्रा में है।
- पहले देरी से इलाज गलत हो जाता था, अब वैज्ञानिक आधार पर सही निर्णय मिनटों में!
- कीटनाशक, दवाओं की ओवरडोज, रसायन या अन्य विषाक्त पदार्थों के केस में जीवनरक्षक।
प्वाइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर का कमाल:
24×7 हेल्पलाइन – डॉक्टरों और आम लोगों को फौरन प्रमाणिक सलाह। भ्रम खत्म, सही इलाज तुरंत!उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “ये सुविधा पूरे देश के लिए मॉडल बनेगी। सरकार हर नागरिक की सेहत-सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. अनूप कुमार वर्मा, आयोजन सचिव डॉ. शिउली और टीम को बधाई दी।
इस अवसर पर कार्यक्रम में कुलपति किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रो. सोनिया नित्यानंद, अध्यक्ष आईएसटी प्रो. निशत अहमद शेख, विभागाध्यक्ष फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी प्रो. अनूप कुमार वर्मा, आयोजन सचिव डॉ. शिउली, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजशरण शाही, निदेशक एफएसएल लखनऊ प्रो. आदर्श कुमार सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
KGMU फिर साबित हुआ प्रदेश-देश का टॉप मेडिकल हब विषाक्तता से लड़ाई में नई उम्मीद! क्या लगता है, ये जीवन बचाने में कितना बड़ा रोल प्ले करेगी?







