लखनऊ,11 फरवरी 2026 : लखनऊ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर आज हजारों प्राथमिक शिक्षकों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी को “धोखेबाज” और “शिक्षक विरोधी” करार देते हुए उनका पुतला दहन किया और जोरदार “मुर्दाबाद” नारे लगाए।
मुख्य कारण: संसद में मंत्री के हालिया लिखित जवाब से शिक्षक आक्रोशित

उन्होंने स्पष्ट किया कि TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) भर्ती और प्रमोशन दोनों के लिए अनिवार्य रहेगी, कोई छूट की योजना नहीं। सुप्रीम कोर्ट के 2025 फैसले के बाद भी केंद्र सरकार ने पूर्व नियुक्त (RTE एक्ट से पहले) शिक्षकों को राहत नहीं दी, जबकि 15-35 साल सेवा दे चुके लाखों शिक्षकों की नौकरी-प्रमोशन पर खतरा मंडरा रहा है।
जिला अध्यक्ष सुधांशु मोहन ने कहा: “मंत्री जी ने 16 सितंबर को हमारे ज्ञापन पर आश्वासन दिया था कि वे हमारे साथ हैं लेकिन अब संसद में उल्टा बयान! अगर गंभीरता से नहीं सुना गया, तो पूरे प्रदेश-देश के शिक्षक सड़कों पर उतरेंगे और दिल्ली घेरेंगे!”
प्रदर्शन में जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष फहीम बाग, महानगर अध्यक्ष संदीप कुमार, अभय प्रकाश, योगेंद्र सिंह, अजय सिंह, महेंद्र कुमार, ममता यादव, प्रदीप सिंह, जितेंद्र कुमार, विजय कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी, धीरेंद्र कुमार, जगत नारायण सहित सैकड़ों शिक्षक शामिल रहे।
शिक्षकों का मांग: RTE एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट – वरना बड़ा आंदोलन होगा !







