लखनऊ : लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार (IAS) समेत कई वरिष्ठ अधिकारी CG सिटी के CSI टावर्स (बी ब्लॉक) में निरीक्षण के लिए गए थे। ये टावर आईएएस/PCS अधिकारियों के लिए बन रहे 14 मंजिला आवास हैं।
14वीं मंजिल पर जा रही लिफ्ट सातवीं मंजिल पर पहुंचते ही अचानक तकनीकी खराबी आई – लिफ्ट झटके खाती हुई सरसराते हुए नीचे खिसकने लगी! अंदर थे VC प्रथमेश कुमार, चीफ इंजीनियर मानवेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवीनत कुमार शर्मा समेत कुल 7 अधिकारी। सबकी सांसें थम गईं, लेकिन गनीमत रही कि लिफ्ट पूरी तरह नहीं गिरी और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
नाराज़ VC प्रथमेश कुमार ने तुरंत लिफ्ट लगाने वाली कंपनी ओटिस और उसकी एजेंसी मेसर्स असलम आगा एंड कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज कराने के सख्त निर्देश दिए। गोल्फ सिटी कोतवाली में तहरीर पहुंच चुकी है, जांच शुरू हो गई है।
इस घटना से लिफ्ट की क्वालिटी, सुरक्षा मानकों और इंजीनियरों की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग में हड़कंप मचा हुआ है – आखिर निर्माणाधीन हाई-राइज में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे?
बता दें कि ये हादसा टल गया वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। लखनऊ की हाई-राइज बिल्डिंग्स में लिफ्ट की समस्या पहले भी कई बार सामने आई है, लेकिन VC खुद फंसें – ये पहली बार है! आपको अब क्या लगता है, अब LDA इन टावरों की लिफ्ट सेफ्टी पर सख्ती करेगा? या फिर ये FIR बस दिखावा रहेगी?







