बाराबंकी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर जिले में विभिन्न संगठनों ने महिलाओं के योगदान, शिक्षा और सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कार्यक्रम आयोजित किए। बेटियों की शिक्षा और समाज में उनकी भूमिका को रेखांकित करते हुए मेधावी छात्राओं व उनकी माताओं का सम्मान किया गया।
छन्दवल में पोस्टर-निबंध प्रतियोगिता और सम्मान समारोह
रामसनेहीघाट के ग्राम छन्दवल में बेसिक उत्थान एवं ग्रामीण सेवा संस्थान द्वारा संचालित निशुल्क चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल में “छात्राओं की ऊंची उड़ान” विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्कूल प्रबंधक रत्नेश कुमार के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में मेधावी छात्राओं और बेटियों की शिक्षा पर ध्यान देने वाली माताओं को सम्मानित किया।
प्रबंधक रत्नेश कुमार ने महिला दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह अमेरिका-यूरोप के मजदूर आंदोलनों से शुरू हुआ, जहां लैंगिक भेदभाव, वेतन असमानता और काम के घंटों के मुद्दे उठे। भारत में 1975 से इसे मनाया जा रहा है। प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
शिक्षिकाओं वंदना वर्मा, शारदा रावत, सरिता यादव, प्रिया मोर्या आदि सहित लगभग 165 लोग मौजूद रहे।
रमाई फाउंडेशन की संगोष्ठी: महिलाओं की भूमिका पर जोर
बाराबंकी। डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क (नाका सतरिख) में रमाई फाउंडेशन द्वारा आयोजित संगोष्ठी में समाज निर्माण में महिलाओं के योगदान की सराहना की गई। मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य अंगद कुमार सिंह ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षित-सशक्त महिलाएं परिवार की खुशहाली और प्रगति की आधार हैं। उन्होंने कई महिलाओं को सम्मानित किया और उन नारियों को नमन किया जिन्होंने भारत को आदर्श बनाने में योगदान दिया।
रमाई फाउंडेशन के अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लेने की अपील की और बाराबंकी की महिलाओं के परिवार सजाने-सवारने के योगदान को रेखांकित किया। अध्यक्ष बालजती ने संचालन किया। हास्य व्यंग्यकार अनिल श्रीवास्तव “लल्लू” ने कविता से बधाई दी।
इस दौरान डॉ. जगदीश के दांपत्य जीवन की वर्षगांठ और मेधावी छात्रा प्रतिभा सिंह के जन्मदिन पर केक काटकर शुभकामनाएं दी गईं। मीना कुमारी, प्रेमावती, मंगला देवी, रीता, डॉ. कामिनी, मानसी श्रीवास्तव आदि आधा सौ महिलाएं उपस्थित रहीं।
बता दें कि ये कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को मजबूत करते हुए स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैला रहे हैं।







