पड़ोसियों पर हमले रोकने का ऐलान, अमेरिका की सरेंडर मांग को ‘सपना’ बताया; IRGC ने जारी रखा 27वां हमला
नई दिल्ली , 9 मार्च 2026: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों से कोई विवाद नहीं चाहता और उन्हें “भाई” मानता है। उन्होंने कहा, “दुश्मन ईरान और पड़ोसियों के बीच मतभेद पैदा करने की साजिश रच रहा है। हमने बार-बार कहा है कि अच्छे रिश्ते होने चाहिए।”
पेजेश्कियन ने पड़ोसियों से माफी मांगी, जिन पर ईरान के हमलों से असर पड़ा, और घोषणा की कि ईरान अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं करेगा—जब तक वहां से ईरान पर हमला न हो। उन्होंने जोर दिया: “हम 1 इंच जमीन भी दुश्मन को नहीं सौंपेंगे। अगर हमारी जमीन पर हमला हुआ तो जवाब देना मजबूरी है, लेकिन इसका मतलब पड़ोसियों से दुश्मनी नहीं।”
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की “अनकंडीशनल सरेंडर” वाली मांग को उन्होंने खारिज करते हुए कहा, “यह सिर्फ एक सपना है जो कभी पूरा नहीं होगा। दुश्मन इसे कब्र में ले जाएंगे।”
उधर, इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 27वीं लहर शुरू की। नए सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों और ड्रोन्स से अमेरिका व इजरायल के ठिकानों पर हमले किए गए। मुख्य निशाना इजरायल के उत्तरी हिस्सों में सैन्य ढांचे रहे। प्रेस टीवी के अनुसार, यह जवाबी कार्रवाई अमेरिका-इजरायल की हालिया आक्रामकता के खिलाफ है।
युद्ध अब दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, जिसमें दोनों तरफ मिसाइल-ड्रोन हमले जारी हैं। गल्फ देशों में अमेरिकी बेस और इजरायल पर हमले बढ़े हैं, जबकि ईरान पर भी जवाबी हमले हो रहे हैं। क्षेत्रीय तनाव चरम पर है, और कूटनीति की गुंजाइश कम लग रही है।
ईरान का संदेश साफ: रक्षा में मजबूत, लेकिन पड़ोसियों से शांति चाहता है। अब क्या यह युद्ध थमेगा या और भड़केगा? फिलहाल स्थिति पर नजर बनी हुई है।







