लखनऊ में रचनात्मकता का जादू बिखर रहा है!
लखनऊ 20 मार्च 2026: लखनऊ में कला जीवंत हो उठी! सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल की वार्षिक कला प्रदर्शनी “मास्करेड ऑफ आर्ट” अब जनता के लिए खुल चुकी है। 18 मार्च को प्रसिद्ध कलाकार और कला समीक्षक डॉ. अवधेश मिश्रा ने इसका उद्घाटन किया और छात्रों की रचनात्मकता की जमकर तारीफ की।
प्रदर्शनी में कथकली के जीवंत मुखौटे, वारली की पारंपरिक सुंदरता, जनजातीय कला, अमूर्त चित्र, प्राकृतिक दृश्य और भावपूर्ण पोर्ट्रेट्स एक साथ सज्जित हैं। सबसे बड़ा आकर्षण है कक्षा 8 की छात्रा शैला का भव्य भित्ति चित्र (म्यूरल), जिसमें पेंटिंग के साथ सिरेमिक का कमाल भरा हुआ है—बारीकी और खूबसूरती देखते ही बनती है! यह सिर्फ कला नहीं, बल्कि छात्रों की संस्कृति से गहरी जुड़ाव, कल्पनाशील सोच और आत्मविश्वास की जीती-जागती मिसाल है। हर कलाकृति अपनी अनोखी कहानी सुना रही है।
विविधता से भरी कलाकृतियाँ
प्रदर्शनी में पारंपरिक और आधुनिक कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है:
- कथकली के रंग-बिरंगे मुखौटे
- वारली पेंटिंग्स की सादगी और सुंदरता
- जनजातीय कला के जीवंत रूप
- अमूर्त चित्र, प्राकृतिक दृश्य और भावपूर्ण पोर्ट्रेट्स
कब और कहाँ?
- 24 से 27 मार्च 2026 तक
- सुबह 9:00 से दोपहर 1:00 बजे
- स्कूल परिसर, शहीद पथ, लखनऊ
प्रवेश पूरी तरह मुफ्त!परिवार, बच्चे, कला प्रेमी सभी को न्योता है। आइए, इस रंगीन दुनिया का हिस्सा बनिए!







